छत्तीसगढ़

Benazir Assassination Case: पांच साल बाद बेनजीर भुट्टो हत्याकांड में होगी सुनवाई, गठित हुई विशेष पीठ

लाहौर : पाकिस्तान की पहली महिला प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के मामले में पांच साल से भी ज्यादा समय के बाद लाहौर हाईकोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने बुधवार को इस मामले में दायर याचिकाओं पर सुनवाई की तारीख तय की। लाहौर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मुहम्मद आमिर भट्टी ने पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या के मामले में दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति सदाकत अली खान और न्यायमूर्ति मिर्जा वकास रऊफ की एक विशेष खंडपीठ का गठन किया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बेंच 9 फरवरी को इस मामले से जुड़ी आठ याचिकाओ पर सुनवाई करेगी। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सह-अध्यक्ष और पूर्व अध्यक्ष आसिफ जरदारी, सभी पांच आरोपियों, दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ और सजायाफ्ता पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं।

बता दें कि इस मामले में आरोपी दिवंगत पूर्व राषट्रपति परवेज मुशर्रफ के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट लंबित है। हालांकि, 5 फरवरी को उनके निधन के बाद उनके खिलाफ अपील खारिज होने की संभावना है। वहीं पांच आरोपियों में से ऐतजाज, शेर जमां और हसनैन अदालत के सामने पेश होंगे, जबकि अब्दुल रशीद अदियाला जेल में कैद है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पांचवां आरोपी रफाकत लापता है। इस मामले में दो पुलिस अधिकारी सऊद अजीज और खुर्रम शहजाद जमानत पर हैं। दोनों को 17 साल कैद और 10 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। 

गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो 27 दिसंबर, 2007 को जब रावलपिंडी में एक पार्क में चुनावी रैली को संबोधित कर बाहर आ रही थी तो एक बंदूक-ग्रेनेड हमले में बेनजीर की मौत हो गई थी। उस हमले में पार्टी के 20 से अधिक कार्यकर्ता भी मारे गए और 71 अन्य घायल हुए थे। तब परवेज मुशर्रफ पाकिस्तान के राष्ट्रपति थे और 2008 में  उन्होंने अवाम के बड़े दबाव में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। मुशर्रफ पर 2010 में भुट्टो की हत्या में शामिल होने का आरोप लगा था। ‘डॉन’ अखबार के मुताबिक मुशर्रफ के खिलाफ तब चार गवाहों के बयानों के आधार पर मामला दर्ज किया गया था।