अंबिकापुर: अंबिकापुर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यक्रम में शनिवार को हंगामा हो गया। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के समर्थकों ने पुलिस अफसरों से गाली-गलौज की। जानकारी मिलने पर सिंहदेव पहुंचे और बीच बचाव किया। उन्होंने समर्थकों को अपशब्दों का इस्तेमाल करने से मना किया। साथ ही कहा कि, प्रशासन ने प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया है। आरोप है कि सारा विवाद सिंहदेव के समर्थकों को रोकने और मंत्री अमरजीत भगत के समर्थकों को तवज्जो दिए जाने के चलते हुआ है। अफसरों ने प्रशासनिक प्रोटोकॉल के दायरे में आने वाले नेताओं को भी रोक दिया था।
जो प्रोटोकॉल में नहीं, वे भगत समर्थक भी अंदर गए
दरअसल, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अंबिकापुर के महामाया एयरपोर्ट के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। दरिमा में उनका विशेष विमान उतरा तो साथ में मंत्री टीएस सिंहदेव भी थे। वहीं अंबिकापुर में पहले से मौजूद खाद्यमंत्री अमरजीत भगत भी समर्थकों के साथ एयरपोर्ट पहुंच गए। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने एयरपोर्ट पहुंचे कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त शफी अहमद, कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता सहित जनप्रतिनिधियों और सिंहदेव समर्थक पदाधिकारियों को अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद पुलिस अधिकारियों से उनकी झड़प हो गई। नौबत गाली-गलौज तक पहुंच गई।
स्वागत पर भड़के सिंहदेव समर्थकों ने किया हंगामा
हंगामा बढ़ा तो वरिष्ठ अफसरों ने मामले को शांत कराया। जिसके बाद पुलिस वहां से हट गई। थोड़ी देर बाद अमरजीत भगत के ऐसे समर्थकों को अंदर एंट्री मिल गई जो किसी प्रोटोकाल में नहीं आते थे। अमरजीत भगत समर्थकों से सीएम का स्वागत भी कराया गया। मुख्यमंत्री के वहां से रवाना हो जाने के बाद अमरजीत भगत समर्थकों से स्वागत कराने की जानकारी मिलने पर सिंहदेव समर्थक नेता भड़क गए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों से गाली-गलौज भी कर दी। हंगामे के बीच मौके पर पहुंचे सिंहदेव ने समर्थकों को रोका कि अपशब्दों का प्रयोग व गाली-गलौज न करें।
दो दिन पूर्व भी दिखा था मंत्रियों का अलगाव
विधानसभा चुनाव को आठ माह बचे हैं और यहां कांग्रेस की आपसी रार खुलकर हर जगह दिख रही है। दो दिनों पूर्व चार मई को मां महामाया एयरपोर्ट में लैंडिंग के ट्रायल के दौरान भी मंत्री टीएस सिंहदेव व अमरजीत भगत अलग-अलग खड़े रहे। प्रभारी मंत्री शिव डहरिया ने सिंहदेव को कार्यक्रम में उस जगह बुलाया जहां मंत्री सहित अन्य अधिकारी खड़े थे। इस पर सिंहदेव ने कह दिया कि आप लोग प्रशासन की ओर से हैं और मैं जनता की ओर से। वे अपने स्थान पर ही समर्थकों के साथ बने रहे। प्रशासन भी हर बार कार्यक्रम में भगत समर्थकों को आगे रखकर और समर्थकों को कार्यक्रम से अलग रखने की कोशिश करता रहा है। इससे दोनों के बीच गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है।