नई दिल्ली। वोटर लिस्ट में कथित हेरफेर को लेकर विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनके इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के नेता चुनाव आयोग के ऑफिस तक मार्च निकाला।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी धरने पर बैठे। वह चुनाव आयोग के कार्यालय जाने पर अड़े हुए हैं। कांग्रेस के दोनों सांसद ढाई घंटे से आकाशवाणी परिसर में बैठे हुए हैं। इससे पहले राहुल गांधी को हाथों में तिरंगा लिए हुए बैरिकेड पर चढ़े हुए देखा गया। वहीं पुलिस ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी को हिरासत में लिया।
राहुल ‘ज्ञानेश, इट्स डन ब्रो’ का पोस्टर लेकर पहुंचे

राहुल Gen-Z से कनेक्ट के लिए प्रदर्शन में ‘ज्ञानेश, इट्स डन ब्रो’का पोस्टर लेकर पहुंचे थे। उनका मकसद इस वर्ग को सीधे मैसेज देना था। देश में आज हर चौथा वोटर जेन-जी है। चुनाव आयोग के मुताबिक, लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान देश के कुल मतदाताओं में 18-29 साल के वोटरों की हिस्सेदारी 22.78% थी।
आकाशवाणी कैंपस में प्रदर्शनकारी बस पर चढ़े

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी
विपक्षी दलों के नेता वोटर लिस्ट में किए गए विवादित बदलावों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। नीति आयोग के दफ्तर के सामने सुरक्षाकर्मियों ने चुनाव आयोग की ओर बढ़ रहे इंडी गठबंधन के मार्च को रोक दिया। इस दौरान सांसदों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
बैरिकेड्स लगाकर रोका गया मार्च
चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर विपक्ष के मार्च को पुलिस बैरिकेड्स से रोक दिया गया। इसी जगह पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी धरने पर बैठ गए। बाद में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी उस जगह पहुंचे। सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की, जिसमें वोट चोर जैसे नारे भी शामिल थे।
मार्च रोकने के बाद राहुल-प्रियंका बैरिकेड्स पर चढ़े

विपक्ष के चुनाव आयोग तक मार्च की तस्वीरें…



राहुल गांधी और प्रियंका गांधी आकाशवाणी परिसर में पेड़ के नीचे बैठ गए हैं। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों का मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है।
नीति आयोग बिल्डिंग के बाहर पुलिस तैनात

राहुल का आरोप- चुनाव चोरी करने में ज्ञानेश कुमार ने मदद की
राहुल गांधी ने कहा– 300 लोकसभा और राज्यसभा के सांसद आए थे। हम चाहते थे ज्ञानेश कुमार और उनके दो चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते थे। पुलिस ने हमें रोका। चुनाव आयोग से 50 गज दूर बैठाकर रखा है हमें जाने नहीं दे रहे हैं। 300 सांसद ज्ञानेश कुमार से मिलना चाहते हैं। ज्ञानेश कुमार डरे हुए हैं। अगर जनप्रतिनिधियों से चुनाव आयोग नहीं मिलेगा तो लोकतंत्र का क्या मतलब है। सवाल पूछने पर राहुल ने नाराजगी जताई और कहा कि क्या मैं आपको भाजपा का कार्यकर्ता लगता हूं। भाजपा जो बोले मुझे उसमें कोई इंटरेस्ट नहीं है। मैं लोकतंत्र बचाने यहां खड़ा हूं। अमित शाह, नरेंद्र मोदी, ज्ञानेश कुमार और मोहन भागवत ने देश के लोकतंत्र को खत्म कर दिया है। देश के युवा ये बात जानते हैं। चुनाव को मोदी-शाह ने हाइजैक किया है और ज्ञानेश कुमार ने उनकी मदद की है। यहां पुलिस वाले भी यही कर रहे हैं। इनमें से कोई भी बचकर नहीं जाएगा। जो इन्होंने देश के साथ किया है, वह देशद्रोह है।





