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जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों का जुटना शुरू, कई हिरासत में, सड़कों पर कील लगाई गई; दीपके बोले- ‘ये ताकत नहीं, डर की निशानी’

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR रोकने की मांग कर रही है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की परमिश नहीं दी है।

प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस पर जुटने लगे हैं। पुलिस प्रदर्शनकारियों को हटा रही है और उन्हें हिरासत में ले रही है। CJP फाउंडर अभिजीत दीपके भी मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं।

प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस और जनपथ रोड समेत आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। करीब 38 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात हैं, जिसमें BSF जवान भी शामिल हैं।

नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन आने वाली 250 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें आज कैंसिल रहेंगी। 45 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए हैं जबकि 10 डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं। वहीं, इंडिया गेट के आसपास 4km के दायरे में शुक्रवार रात 10 बजे से आज रात 10 बजे तक इंटरनेट बंद रहेगा।

आरोप- पुलिस बस में प्रदर्शनकारी बेहोश हुआ

दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित इंदिरा चौक पर शनिवार सुबह 6:30 बजे पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाया। कुछ छात्र पब्लिक टॉयलेट में छिपे थे। वहां से करीब 50 छात्रों को गाड़ी में बैठाकर ले जाया गया।

छात्रों ने आरोप लगाया कि गाड़ी में दम घुटने से एक बच्चा बेहोश हो गया। इसके बाद छात्रों ने गाड़ी पीटनी शुरू कर दी। इंदिरा चौक पर अब तक 100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। बताया गया कि बिना पहचान पत्र के पहुंच रहे लोगों को पुलिस हिरासत में ले रही है।

दिल्ली में स्टेशन आने वाले, होटलों में रुकने वालों की जांच

CJP प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। रेलवे स्टेशनों पर आने वाले यात्रियों और होटलों में ठहरने वालों की जांच की जा रही है। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली आने वालों पर नजर रखी जा रही है।

चुनाव आयोग मुख्यालय के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई

चुनाव आयोग के मुख्यालय और जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अशोक रोड पर बस खड़ी कर रास्ता बंद कर दिया गया है। यहां बैरिकेडिंग की गई है और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।

CJP के प्रदर्शन से कांग्रेस दूर, लेफ्ट और AAP शामिल होंगे

कॉकरोच जनता पार्टी ने शनिवार को CEC ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में EC की कार्यप्रणाली के खिलाफ प्रदर्शन बुलाया है। पार्टी ने सभी विपक्षी दलों को इसमें शामिल होने का न्योता दिया था।

लेफ्ट और AAP ने प्रदर्शन में शामिल होने का ऐलान किया है। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने समर्थन दिया है, लेकिन उसके प्रदर्शन में शामिल होने पर शुक्रवार रात तक फैसला साफ नहीं था।

कांग्रेस इस प्रदर्शन से दूरी बनाए हुए है। राहुल गांधी शनिवार को ‘छात्रों की गूंज’ के अगले कार्यक्रम में शामिल होने के लिए चेन्नई में रहेंगे।

प्रदर्शन से पहले बोले अभिजीत दीपके- मेरी गिरफ़्तारी हो जाती है तो…

अभिजीत दीपके

कॉकरोच जनता पार्टी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा है कि यदि उनकी गिरफ़्तारी हो जाती है, तो भी निष्पक्ष चुनाव के लिए लड़ाई जारी रहेगी.

अभिजीत दीपके शनिवार सुबह मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं. इससे पहले उन्होंने मीडिया से बातचीत की और कहा कि विरोध प्रदर्शन उनका मौलिक अधिकार है.

अभिजीत दीपके ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा, “मुझे हैरानी होती है कि प्रधानमंत्री इस देश के युवाओं और जनता से इतने डरे हुए क्यों हैं. सभी रेलवे सेवाएं और मेट्रो स्टेशन बंद करने की क्या ज़रूरत थी? उन्होंने इंटरनेट बंद कर दिया और सड़कें रोक दी हैं.”

“उन्होंने जम्मू-कश्मीर से सेना लाकर दिल्ली में तैनात कर दी है. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से सीआरपीएफ बल बुलाकर दिल्ली में तैनात कर दिए हैं. क्या नरेंद्र मोदी और अमित शाह अपने ही देश की जनता के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ना चाहते हैं? क्या ज्ञानेश कुमार उनके लिए इतने प्यारे हैं कि वे अपनी ही जनता पर पुलिस और आर्मी देंगे?”

उन्होंने कहा, “पीएम मोदी डर गए हैं. उन्हें डर है कि इस घटना के बाद इस देश की जनता उन्हें वोट नहीं देगी. इसलिए, बस सत्ता में बने रहने के लिए, वे ट्रेनों से लोगों को उठा रहे हैं. सोसाइटियों में एलान किए जा रहे हैं कि लोग प्रदर्शनों में शामिल न हों.”

“दिल्ली पुलिस घर-घर जाकर लोगों से कह रही है कि प्रदर्शनों में भाग न लें. लेकिन हम क्यों न करें? विरोध प्रदर्शन हमारा मौलिक अधिकार है. अनुच्छेद 19 हमें लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीक़े से विरोध करने का मौलिक अधिकार देता है, और हम ठीक वैसा ही करने वाले हैं.”

दीपके से पूछा गया कि दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने पर क्या उनकी गिरफ़्तारी हो सकती है?

इस पर उन्होंने जवाब दिया, “अगर वे मुझे हिरासत में लेना या गिरफ़्तार करना चाहते हैं, करें. मैं इसके लिए तैयार हूं. इससे मुझे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता. यूएपीए लगा दें, एनएसए लगा दें. लेकिन हम स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों तथा इस देश की लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ते रहेंगे.”

दूसरी ओर, जंतर-मंतर और उसके आसपास के इलाक़ों में दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ गई है. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई है.

दिल्ली: मेट्रो स्टेशन बंद करने पर सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाख़िल
दिल्ली मेट्रो

दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों को बंद किए जाने और ट्रेन सेवाओं को रद्द करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाख़िल की गई है.

याचिका में आरोप लगाया गया है कि अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश का उल्लंघन किया है, जिसमें परिवहन सेवाओं को पूरी तरह से बंद नहीं करने की बात कही गई थी.

लाइव लॉ के अनुसार, यह अवमानना याचिका केंद्रीय गृह मंत्रालय के सचिव गोविंद मोहन (आईएएस), दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार (आईपीएस) और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) की चेयरपर्सन डी. थारा (आईएएस) के ख़िलाफ़ दाख़िल की गई है.

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि बिना उचित कारण के ट्रेन सेवाएं रद्द की जा रही हैं और मेट्रो के कई स्टेशन बंद हैं. याचिका में कहा गया है कि अदालत के निर्देशों का पालन करने में अधिकारियों की विफलता के कारण दिल्ली में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनज़र दिल्ली मेट्रो और ट्रेन सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंध के फ़ैसले पर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को पुनर्विचार करने का निर्देश दिया था.

CJP के निशाने पर मुख्य चुनाव आयुक्त क्यों; 4 वजह

1. SIR पर 14 बार आपत्ति: SIR को लेकर कॉकरोच पार्टी पहले से ही सवाल उठा रही है। इस बीच द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट पब्लिश हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई।

2. वोटर लिस्ट पर सवाल: दोनों आयुक्तों ने वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने की प्रक्रिया के साथ चुनावी डेटा और सॉफ्टवेयर से जुड़े मामलों पर सवाल उठाए।

3. फॉर्म-6 में बदलाव पर आपत्ति: एक मामले में फॉर्म-6 में SIR से जुड़ा सवाल जोड़ने पर दोनों चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति जताई थी।

4. डेटा और काम के बंटवारे पर चिंता: दोनों ने चुनावी डेटा और सॉफ्टवेयर तक पहुंच को लेकर कैबिनेट सचिव को पत्र लिखा था। वहीं, काम के बंटवारे से जुड़े एक आदेश को भी उन्होंने नियमों का उल्लंघन बताया था।

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