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जंतर-मंतर जा रहीं ममता बनर्जी समेत 4 पूर्व मुख्यमंत्री हिरासत में, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़े; पुलिस ने एक हजार से अधिक लोगों को पकड़ा

नई दिल्ली। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, केरलम के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री मनिक सरकार को हिरासत में लिया गया।

इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट से ही हिरासत में ले लिया गया है। वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR रोकने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर बुलाए गए पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे।

दीपके बोले- अजिंक्य लीड करेंगे आंदोलन

CJP ने अभिजीत दीपके का एक पहले से रिकॉर्ड किया गया वीडियो जारी किया है। इसमें दीपके कहते हैं- अगर हमें हिरासत में ले लिया तो हमारे बाद इस आंदोलन को अजिंक्य शिंदे लीड करेंगे।

प्रदर्शनकारियों को सड़क पर घसीटकर ले गई पुलिस, 5 तस्वीरें…

 

किसी को हाथ पकड़कर तो किसी को गोद में उठाकर ले गई पुलिस, 5 तस्वीरें…

 

 

 

 

 

यूट्यूबर ध्रुव राठी को उनके गुरुग्राम के घर से ही हिरासत में लिया गया। इसके अलावा 1000 अन्य समर्थकों को भी राजधानी के अलग-अलग स्थानों से पकड़ा गया। वहीं महाराष्ट्र के संभाजीनगर में दीपके के घर की सुरक्षा बढ़ाई गई है।

सीजेपी समर्थक जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस इन्हें हिरासत में ले रही है। वाहनों को रोकने के लिए सड़कों पर कीलें लगाई गई हैं। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड भी तोड़े।

नेहा बोरा को हिरासत में लिया गया, समर्थकों ने वैन को घेरा

नेहा बोरा जंतर मंतर के बदले पहुँच गईं दिल्ली हाट, जुटे समर्थक
नेहा बोरा
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा प्रदर्शन करती हुईं

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने प्रदर्शनकारियों से दिल्ली हाट में जुटने की अपील की है.

नेहा बोरा ने यह अपील ऐसे समय में की है, जब कॉकरोच जनता पार्टी के टॉप लीडर्स हिरासत में लिए गए हैं.

नेहा बोरा ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, “आज दिल्ली हाट बन गया है जंतर-मंतर! वहाँ मिलते हैं!”

दरअसल, शनिवार को हो रहे प्रदर्शन के दौरान लगातार यह जानकारी खोजी जा रही थी कि नेहा बोरा कहाँ हैं?

नेहा बोरा के इस एक्स पोस्ट के बाद दिल्ली हाट में प्रदर्शन करती हुईं नज़र आ रही हैं.

उनके साथ सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र भी हैं

वहीं, वामपंथी दलों से जुड़े स्टूडेंट संगठन भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के हेडक्वार्टर के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं.

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ कई पत्रकारों को भी हिरासत में लिया
प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेती पुलिस
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ कुछ पत्रकारों को भी हिरासत में लिया है

दिल्ली में हो रहे प्रोटेस्ट के दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ कुछ पत्रकारों को भी पुलिस हिरासत में लिया गया है.

हिरासत में लिए गए पत्रकार न्यूज़लॉन्ड्री, स्क्रॉल डॉट इन और नवभारत टाइम्स से जुड़े हैं.

न्यूज़लॉन्ड्री ने आधिकारिक बयान में कहा, “जब पत्रकारों ने बताया कि वे मीडिया से हैं, तो उनसे कहा गया- कोई मीडिया नहीं है. पत्रकारों से उनके फ़ोन भी छीने गए. क़रीब 30 लोगों को एक ही बस में बैठाया गया है. इनमें प्रदर्शनकारी और पत्रकार शामिल हैं.”

न्यूज़लॉन्ड्री ने कहा, “पत्रकारों का काम ख़बरें देना है, विरोध प्रदर्शन करना नहीं. वे पुलिस के काम में रुकावट नहीं डाल रहे थे. आख़िर किस आधार पर उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है और उनके फ़ोन ज़ब्त किए जा रहे हैं? दिल्ली पुलिस को इन कार्रवाइयों का जवाब देना चाहिए और पत्रकारों को बिना डराए अपना काम करने देना चाहिए.”

स्क्रॉल डॉट इन ने भी बताया कि उसके एक पत्रकार को दिल्ली पुलिस ने आईटीओ के पास हिरासत में लिया है.

स्क्रॉल ने आधिकारिक बयान में बताया, “वह जंतर-मंतर पर भी नहीं थे. उनका प्रेस कार्ड साफ़ तौर पर विज़िबल था. उन्होंने पुलिस को कई बार बताया कि वह पत्रकार हैं. इसके बावजूद, उन्हें जबरन एक वैन में बैठाया गया और वहां से ले जाया गया.”

नवभारत टाइम्स के एडिटर आशीष पांडे ने भी बताया कि दिल्ली पुलिस ने उनके संस्थान के दो पत्रकारों को हिरासत में ले लिया था.

उन्होंने बताया, “पुलिस उन्हें दरियागंज की तरफ़ ले जा रही है. हमारी टीम के पास मीडिया के आईडी कार्ड थे, जो साफ़ तौर पर दिखाई दे रहे थे.”

हालांकि, बाद में उन्होंने अपडेट दिया कि उनके संस्थान से जुड़े पत्रकार रिलीज हो गए हैं.

गौरतलब है कि इससे पहले कुछ कंटेंट क्रिएटर्स को भी पुलिस ने डिटेन किया है, जिनमें यूट्यूबर ध्रुव राठी और ‘काव्या कर्नाटक’ भी शामिल हैं.

CJP प्रदर्शन कार्टूनिस्ट की नजर से देखें
सुप्रीम कोर्ट के पास वकीलों को हिरासत में लिया गया

ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन के संजय कुमार ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के पास विरोध प्रदर्शन कर रहे कई वकीलों को हिरासत में लिया है।

सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन ने वकीलों को हिरासत में लेने पर CJI सूर्यकांत से दखल देने की मांग की है।

तुषार गांधी मुंबई में हिरासत में लिए गए

 

केजरीवाल बोले- सरकार डर गई है

अरविंद केजरीवाल ने X पर लिखा, यह इमरजेंसी से भी बदतर है। यह आधिकारिक रूप से बोल रहा हूं- हम मोदी की तानाशाही में रह रहे हैं। जिस तरह से कॉकरोच के नेताओं को फ्लाइट से हिरासत में लिया गया, उससे समझ में आता है कि किस तरह से डर है।

पीएम मोदी साफतौर पर जानते हैं कि वे केवल वोट चोरी से चुनाव जीत सकते हैं। अब वे लोकतंत्र को पूरी तरह कुचलकर अपने फ्रॉड को बचाने पर आमादा है। ज्ञानेश को जाना चाहिए, मोदी को भी जाना चाहिए।

राहुल गांधी बोले- ज्ञानेश कुमार जाएंगे, मोदी सरकार भी जाएगी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार जाएंगे और मोदी सरकार भी जाएगी। इसके बाद लोकतंत्र को सुधारने का काम शुरू होगा।

राहुल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संसद के सेंट्रल हॉल में INDIA ब्लॉक के सांसदों को दिए गए अपने भाषण का वीडियो भी शेयर किया।

ज्यां द्रेज बोले- लोगों के वोट का अधिकार छीना जा रहा है

अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज ने पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जरूरत से ज्यादा सुरक्षा बलों की तैनाती के कारण कई लोग प्रदर्शन में शामिल नहीं हो पा रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को हिंसा या सुरक्षा का खतरा नहीं, बल्कि इस बात का डर है कि लोगों को पता चल जाएगा कि उनका वोट देने का अधिकार छीना जा रहा है।

अभिजीत दीपके को हिरासत में लेने के बाद उनके माता-पिता ने क्या कहा

अभिजीत दीपके

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, जिसके बाद उनके माता-पिता का बयान सामने आया है.

अभिजीत के पिता भगवान दीपके ने कहा, “मुझे इंदिरा गांधी के बारे में तो ज़्यादा नहीं पता, लेकिन इतनी जानकारी है कि इंदिरा गांधी के कार्यकाल में इमरजेंसी लगाई गई थी, इसके बाद भी वो सत्ता में लौट आई थीं.”

दरअसल, अभिजीत दीपके ने गिरफ़्तारी के वक़्त कहा था कि ऐसा तो इंदिरा गांधी के वक़्त भी नहीं होता था.

वहीं, अभिजीत दीपके की मां अनीता दीपके ने कहा कि उनके बेटे के साथ जो हो रहा है, उससे उन्हें बहुत दुख है.

उन्होंने कहा, “अभिजीत देश के लिए अच्छा काम कर रहे हैं और सरकार ग़लत कर रही है.”

अभिजीत दीपके की दादी का 85 साल की उम्र में निधन

अभिजीत दीपके की दादी सावित्रीबाई शंकर दीपके का 85 साल की उम्र में निधन हो गया। वह पिछले कुछ दिनों से बीमार थीं। उन्होंने महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में स्थित अपने पैतृक गांव संतुक पिंपरी में अंतिम सांस ली।

दीपके के माता-पिता हिंगोली जाने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दिल्ली पुलिस अभिजीत को वहां जाने की अनुमति कब देगी।

 

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