कोरबा। कोरबा जिले में संचालित एसीबी कंपनी के खिलाफ भारतीय जन अधिकार पार्टी छत्तीसगढ़ ने मोर्चा खोल दिया है। पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को सुभाष चौक पर धरना-प्रदर्शन कर कंपनी में कोयला उत्पादन, परिवहन और रेलवे डिस्पैच में कथित अनियमितताओं की सीबीआई और एसआईटी से जांच कराने की मांग की।
प्रदर्शन के बाद तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। पार्टी ने चेतावनी दी है कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
उत्पादन से रेलवे डिस्पैच तक गड़बड़ी का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कंपनी में कोयले के उत्पादन से लेकर भंडारण, परिवहन और रेलवे डिस्पैच तक बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हो रही हैं। उन्होंने मांग की कि कोयले के पूरे रिकॉर्ड का मिलान कराया जाए। साथ ही डिजिटल दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच भी हो, ताकि कथित गड़बड़ियों की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
उत्पादन से ज्यादा परिवहन और डिस्पैच दिखाने का दावा
जन अधिकार पार्टी के नेता दीपक दुबे ने आरोप लगाया कि एसीबी कंपनी में लंबे समय से कोयले की कालाबाजारी और हेराफेरी चल रही है। उनका दावा है कि कंपनी उत्पादन से ज्यादा कोयले का परिवहन और डिस्पैच दिखा रही है। कई बार ट्रकों में उनकी क्षमता से अधिक कोयला ले जाया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
दीपक दुबे ने कहा कि पार्टी इससे पहले भी कई बार प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंप चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से केवल आश्वासन दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इस बार भी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
अमित शाह को काले झंडे दिखाने की चेतावनी
रायपुर में राज्योत्सव के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित आगमन को देखते हुए तैयारियां चल रही हैं। इसी बीच पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कार्यकर्ता रायपुर पहुंचकर अमित शाह को काले झंडे दिखाकर विरोध दर्ज कराएंगे।
ज्ञापन उच्च कार्यालय भेजने की बात
तहसीलदार कोरबा बजरंग साहू ने बताया कि एसीबी के खिलाफ कोयला चोरी के मामले में ज्ञापन प्राप्त हुआ है। इसे नियमानुसार आगे की कार्रवाई के लिए उच्च कार्यालय भेजा जा रहा है।
गौरतलब है कि एसीबी कंपनी के खिलाफ स्थानीय स्तर पर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। ग्रामीणों और राजनीतिक दलों की ओर से कंपनी पर पर्यावरण मानकों की अनदेखी और कोयला परिवहन में अनियमितताओं के आरोप लगाए जाते रहे हैं। पार्टी का कहना है कि निष्पक्ष जांच होने पर बड़े स्तर की गड़बड़ी सामने आ सकती है।




