ढाका। आईपीएल का रोमांच हर फैंस के सिर चढ़कर बोलता है। जहां एक तरफ यह लीग बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग मानी जाती है, वहीं दूसरी तरफ तेज गेंदबाजों ने भी अपनी रफ्तार से अलग पहचान बनाई है। साल दर साल भारतीय पेसर्स ने यह साबित किया है कि वे सिर्फ सहायक भूमिका में नहीं, बल्कि मैच का रुख बदलने की ताकत भी रखते हैं। आईपीएल के इतिहास में कई भारतीय गेंदबाजों ने ऐसी तेज गेंदें डाली हैं, जिन्हें देखकर फैंस हैरान रह गए।
अशोक शर्मा: नई सनसनी की एंट्री
अशोक शर्मा ने आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटंस की ओर से खेलते हुए अपनी रफ्तार से सबका ध्यान खींचा। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ नरेंद्र मोदी स्टेडियम में उन्होंने एक ही ओवर में दो बार 150 किमी/घंटा का आंकड़ा पार किया। उस ओवर में उन्होंने पहले डोनोवन फरेरा के खिलाफ 150.7 किमी/घंटा की तेज गेंद डाली। इसके बाद उसी ओवर की आखिरी गेंद पर ध्रुव जुरेल के सामने 154.2 किमी/घंटा की रफ्तार से आग उगलती गेंद फेंकी। इस प्रदर्शन ने उन्हें आईपीएल इतिहास के सबसे तेज भारतीय गेंदबाजों की सूची में शामिल कर दिया।
मयंक यादव: रफ्तार और आत्मविश्वास का संगम
मयंक यादव ने आईपीएल 2024 में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए खेलते हुए अपनी तेज गेंदबाजी से तहलका मचा दिया था। अपने डेब्यू मैच से ही वह लगातार 150 किमी/घंटा से ऊपर की गति से गेंदबाजी कर रहे थे, जिससे वह तुरंत चर्चा में आ गए। पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच में उन्होंने शिखर धवन को 155.8 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंद डाली। उनकी यह गति और नियंत्रण टीम की 21 रन से जीत में बेहद अहम साबित हुआ।
मयंक यादव का दूसरा धमाका
उसी सीजन में मयंक यादव ने एक और तेज गेंद डालकर खुद को और ऊंचे पायदान पर पहुंचा दिया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में उन्होंने 156.7 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंद डाली, जो आईपीएल में किसी भारतीय द्वारा डाली गई दूसरी सबसे तेज गेंद बनी। इस मैच में उनका स्पेल भी शानदार रहा, जहां उन्होंने चार ओवर में सिर्फ 14 रन दिए, जो उनकी काबिलियत को और मजबूत करता है।
उमरान मलिक: रफ्तार का बादशाह
इस सूची में सबसे ऊपर नाम आता है उमरान मलिक का, जिन्होंने भारतीयों में आईपीएल इतिहास की सबसे तेज गेंद फेंकी है। सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते हुए उन्होंने 2022 में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 156.9 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंद डाली। जम्मू-कश्मीर के इस युवा तेज गेंदबाज ने यह गेंद पारी के आखिरी ओवर में फेंकी, जो दिखाता है कि दबाव में भी उनकी गति कम नहीं होती। उस सीजन में उन्होंने 22 विकेट लेकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया और जल्द ही भारतीय टीम में जगह बनाई।