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चढ़ावा चोरी विवाद के बीच कल अयोध्या आएंगे सीएम योगी; चंपत राय को कार्यक्रम में आने से किया गया मना

अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद के बीच सीएम योगी शुक्रवार को अयोध्या आएंगे। वह राम मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे, लेकिन मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को कार्यक्रम में आने से मना किया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन ने सीएम का जो प्रोटोकॉल लेटर जारी किया है, उसमें इस बात का जिक्र है। लेटर में पॉइंट नंबर 29 में चंपत राय से अनुरोध किया गया है कि योगी के राम मंदिर कार्यक्रम के लिए वह किसी अन्य व्यक्ति को अपना प्रतिनिधि नामित करें। इसकी सूचना ड्यूटी मजिस्ट्रेट को दें।

चपंत राय राम मंदिर के सबसे पावरफुल शख्स हैं। पूरे मंदिर की जिम्मेदारी उन्हीं के पास है। मंदिर में जब भी कोई वीआईपी कार्यक्रम या दौरा हुआ है, चंपत राय उसमें हमेशा मौजूद रहे हैं।

इधर, गुरुवार को चौथे दिन स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) सुबह 8.30 बजे राम मंदिर पहुंच गई। सूत्रों के मुताबिक, चढ़ावा राशि की गिनती और उससे जुड़े कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर टीम आज मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र से पूछताछ कर सकती है।

राम मंदिर में भी काशी के विश्वनाथ मंदिर की तरह (CEO) की नियुक्ति हो सकती है। CEO कोई सीनियर आईएएस होगा, जो कि राम मंदिर में व्यवस्था से जुड़े फैसले लेगा। इस पर ट्रस्ट और सरकार मंथन कर रही है।

यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय अयोध्या पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा-

भाजपा चढ़ावा चोरी कर रही है। इसमें बड़े लोग शामिल हैं। यह हिस्से के बंटवारे की लड़ाई है। सोने की ईंटें गायब हैं। भाजपा चोरी को दबाने की कोशिश कर रही है। चंपत राय और गोपाल राव की गिरफ्तारी होनी चाहिए। ये भगवान राम के नाम पर लूट कर रहे हैं। मामले की हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच करानी चाहिए।

अब तक 2 करोड़ की बरामदगी

 

चढ़ावा चोरी मामले में अब तक 5 लोगों- लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर के नाम सामने आए हैं। इन लोगों की निशानदेही पर अब तक 2 करोड़ रुपए की रिकवरी हुई है। ये सभी दान राशि की गिनती की ड्यूटी से जुड़े हैं।

सपा प्रमुख और पूर्व मंत्री ने चोरी का मुद्दा उठाया था

  • सपा सरकार में मंत्री रह चुके पवन पांडेय ने रविवार 7 जून को दावा किया था कि राम मंदिर से 5 से साढ़े 7 करोड़ रुपए तक की चोरी की गई। अखिलेश ने भी कहा था कि मामले पर सरकार की चुप्पी संदिग्ध है। कोर्ट को मामला देखना चाहिए। चंपत राय ने सफाई दी थी कि अभी तक ऐसी कोई भी बात सामने नहीं आई है।
  • विवाद बढ़ा तो भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने 9 जून को प्रधानमंत्री को लेटर लिखकर CBI जांच की मांग की। अगले दिन यानी 10 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने मंदिर ट्रस्ट से मामले की रिपोर्ट मांग ली।
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