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पुरी: रथों पर विराजमान हुए भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा, तेज बारिश के कारण मुकुट नहीं पहनाया, न झुलाते हुए लाए; थोड़ी देर में शुरू होगी रथयात्रा

पुरी । पुरी में पहंडी रस्म के दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा रथ पर विराजमान हो गए हैं। पुरी में इस समय तेज बारिश हो रही है। इसलिए भगवान जगन्नाथ को बिना मुकुट पहनाए ही मंदिर से बाहर लाया गया। इस बार उन्हें झुलाते हुए भी नहीं लाए, बल्कि भगवान का विग्रह धीरे-धीरे रथ पर लाया गया।

रथयात्रा थोड़ी देर में ही शुरू होने वाली है। पुरी के गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव सोने की झाड़ू से रथों के आगे सड़क की सफाई करेंगे। इसके बाद भक्त 3 किमी दूर गुंडिचा मंदिर तक रथ खींचेंगे।

इधर, अहमदाबाद में भी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जा रही है। इस बार हाथियों को पैर में जंजीरों से बांधकर लाया गया और खड़िया पोल पर आते ही लोगों को सड़क से हटा दिया गया। पिछले साल रथ यात्रा के दौरान 3 हाथी बेकाबू हो गए थे।

जामालपुर जगन्नाथ मंदिर में सुबह 4 बजे मंगला आरती हुई। इसमें गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए। सीएम भूपेंद्र पटेल और डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने सोने की झाड़ू से रास्ता साफ करके यात्रा को रवाना किया।

भगवान जगन्नाथ के विग्रह को जब मंदिर से बाहर लाया गया तब उनके सिर पर मुकुट नहीं था।
भगवान जगन्नाथ के विग्रह को जब मंदिर से बाहर लाया गया तब उनके सिर पर मुकुट नहीं था।

भगवान जगन्नाथ के रथ का नाम नंदीघोष है, इसे गरुड़ध्वज, कपिध्वज भी कहते हैं। इसकी ऊंचाई लगभग 45.6 फीट है, इसमें 16 पहिए लगते हैं।
भगवान जगन्नाथ के रथ का नाम नंदीघोष है, इसे गरुड़ध्वज, कपिध्वज भी कहते हैं। इसकी ऊंचाई लगभग 45.6 फीट है, इसमें 16 पहिए लगते हैं।

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