कोरबा । कोरबा जिले में किंग कोबरा के प्राकृतिक प्रजनन की पुष्टि हुई है। बालको वन परिक्षेत्र के अजगरबहार गांव में लवभूषण प्रतापसिंह तंवर के घर के बाथरूम में 6 फीट का एक किंग कोबरा मिला, जिसे अब तक का सबसे छोटा किंग कोबरा बताया जा रहा है।
सूचना मिलते ही वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम प्रमुख जितेंद्र सारथी (नोवा नेचर) ने तत्काल वन मंडलाधिकारी प्रेमलता यादव को सूचित किया। उनके मार्गदर्शन में नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की टीम अजगरबहार गांव पहुंची।
रेस्क्यू टीम ने किंग कोबरा को पकड़ा
टीम के सदस्यों राजू बर्मन, राकेश मानिकपुरी, कमलेश गोड और नरेश गोड ने वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से इस छोटे किंग कोबरा का रेस्क्यू किया। सांप को सुरक्षित रेस्क्यू बैग में रखने के बाद घरवालों ने राहत की सांस ली।
डिप्टी रेंजर अनिल कंवर ने पंचनामा की प्रक्रिया पूरी की। कुछ देर बाद किंग कोबरा को उसके प्राकृतिक आवास जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। रेस्क्यू अभियान के दौरान रिस्पॉन्स टीम के सदस्य दिल गोड, दिलीप कंवर, देव मरावी, गौतम गोड, राम गोड, देवेंद्र गोड, सतीश तंवर, महीपत कंवर सहित कई ग्रामीण भी मौजूद थे।
सफल प्रजनन हो रहा
रेस्क्यू प्रमुख जितेंद्र सारथी ने बताया कि जिले में किंग कोबरा के लगातार मिलने से यह स्पष्ट होता है कि कोरबा में इनका सफल प्रजनन हो रहा है। यह जिले की समृद्ध जैव विविधता और स्वस्थ वन पारिस्थितिकी तंत्र का प्रमाण है।
जहरीले सांपों में से एक
सारथी ने यह भी बताया कि किंग कोबरा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-1 में संरक्षित प्रजाति है। यह मुख्य रूप से अन्य सांपों का शिकार कर जहरीले सांपों की संख्या को प्राकृतिक रूप से संतुलित रखता है, जिससे पारिस्थितिकी तंत्र स्वस्थ बना रहता है।
बालको वन परिक्षेत्र अधिकारी जयंत सरकार ने आम जनता से अपील की है कि किंग कोबरा दिखने पर उसे पकड़ने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें। तत्काल वन विभाग को सूचित करें ताकि सांप को सुरक्षित रेस्क्यू कर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा सके।
नोवा नेचर संस्था 2021 से वन विभाग के साथ मिलकर किंग कोबरा के संरक्षण पर कार्य कर रही है। यह संस्था दुर्गम क्षेत्रों में जनजागरूकता फैला रही है और किंग कोबरा रेस्पॉन्स टीम बनाकर इनके संरक्षण को बढ़ावा दे रही है।




