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कोरबा: सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया 80वां स्वतंत्रता दिवस, मेधावी विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित

मुख्य अतिथि शंकरलाल टमकोरिया ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को किया नमन
कहा—आज देश का संघर्ष अशिक्षा, बेरोजगारी, गरीबी, अंधविश्वास और नशे से

 

कोरबा। सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सीतामढ़ी कोरबा में 80वां स्वतंत्रता दिवस गरिमामय वातावरण में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। स्वतंत्रता दिवस समारोह में कोषाध्यक्ष श्री शंकरलाल टमकोरिया बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे, जबकि श्री योगेश कुमार गोयल, संरक्षक सदस्य, सरस्वती शिक्षा समिति, कोरबा कार्यक्रम के अध्यक्ष के रूप में मौजूद रहे। विद्यालय परिसर में आयोजित समारोह के दौरान विद्यार्थियों, अतिथियों एवं विद्यालय परिवार में देशभक्ति और उत्साह का वातावरण देखने को मिला।

समारोह के अवसर पर विद्यालय के मुख्य द्वार पर माननीय अतिथियों का रोली-तिलक से स्वागत किया गया। इसके बाद कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के मंदिर में अतिथिगणों द्वारा पूजन-अर्चन के साथ हुई। पूजन-अर्चन के पश्चात मुख्य अतिथि ने विद्यालय प्रांगण में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के साथ ही स्वतंत्रता दिवस समारोह का मुख्य कार्यक्रम आगे बढ़ा। विद्यालय के किशोर भारती, कन्या भारती एवं सांस्कृतिक परिषद के पदाधिकारी बहिनों द्वारा समस्त अतिथियों तथा प्राचार्य का रोली-तिलक एवं श्रीफल से स्वागत किया गया। इस दौरान विद्यालय की परंपरा और गरिमापूर्ण वातावरण के अनुरूप अतिथियों का अभिनंदन किया गया। प्राचार्य श्री विनोदानंद पाण्डेय ने अतिथि परिचय एवं स्वागत भाषण में अतिथियों का परिचय प्रस्तुत किया।

स्वतंत्रता दिवस समारोह में विद्यालय के भैया-बहिनों ने देशभक्तिपूर्ण सामूहिक गीत प्रस्तुत किए। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने देशभक्ति विचारों से ओत-प्रोत प्रशंसनीय भाषण प्रस्तुत कर समारोह में देशभक्ति की भावना को अभिव्यक्त किया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को गरिमापूर्ण और प्रभावशाली बनाया।

मुख्य अतिथि शंकर लाल टमकोरिया ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्ष और देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया। उन्होंने कहा,  ‘15 अगस्त 1947 की वह ऐतिहासिक सुबह केवल एक तारीख नहीं थी, वह एक लम्बे संघर्ष के बाद मिली उस आजादी की सुबह थी जिसका इंतजार भारत की कई पीढिय़ों ने किया था। किसी ने जेल की यातनाएँ सही, किसी ने अपना घर छोड़ा, किसी ने अपना परिवार छोड़ा और किसी ने हँसते-हँसते अपने प्राण न्यौछावर कर दिये। भगत सिंह, राजगुरु, चन्द्रशेखर आजाद, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, महात्मा गांधी और ऐसे असंख्य ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को हम कभी भूल नहीं सकते जिन्होंने आजादी के लिये अपना आज दे दिया, उन्हीं की वजह से हमें कल मिला है। आज हमारा संघर्ष अंग्रेजों से नहीं है बल्कि आज हमारा संघर्ष अशिक्षा, बेरोजगारी, गरीबी, अंधविश्वास, और नशे से है जो हमें, हमारे समाज और देश को पीछे ले जाती है। आज आप अपने विद्यालय में ईमानदारी से पढक़र भी अपने देश की सेवा कर सकते हैं। आप किसी जरूरतमंद की सहायता करके भी देश सेवा कर सकते हैं। ‘

मुख्य अतिथि के संबोधन में स्वतंत्रता प्राप्ति के पीछे किए गए लंबे संघर्ष और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग को प्रमुखता से रेखांकित किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को देश सेवा के लिए अपने स्तर पर जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया और कहा कि ईमानदारी से पढ़ाई करना तथा जरूरतमंदों की सहायता करना भी देश सेवा का माध्यम हो सकता है।

कार्यक्रम के अध्यक्ष योगेश कुमार गोयल ने अपने संबोधन में देश के विकास की दिशा में हो रहे कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा,  ‘आज का भारत गुणवत्तापूर्ण कार्य समय सीमा में पूर्ण करके भारत को विकास के मार्ग पर सतत अग्रसर है। बड़ी-बड़ी पुलों, सुन्दर व अनेक नगरों को जोडऩे वाली लम्बी सडक़ों, तेजस एवं वन्देभारत जैसी ट्रेनों का निर्माण कार्य विकास के प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। आज युद्ध सामग्री मिसाइल आदि स्वयं निर्माण कर रहे हैं तथा अन्य देशों को भी बेच रहे हैं। ‘

श्री गोयल ने अपने संबोधन में भारत के विकास के मार्ग पर सतत आगे बढऩे की बात कही। उन्होंने पुलों, नगरों को जोडऩे वाली लंबी सडक़ों तथा तेजस एवं वन्देभारत जैसी ट्रेनों के निर्माण कार्यों का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने युद्ध सामग्री और मिसाइल आदि के स्वयं निर्माण तथा अन्य देशों को भी बेचने की बात कही।


स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान विद्यालय में शैक्षणिक उपलब्धि हासिल करने वाले विद्यार्थियों का भी सम्मान किया गया। इस अवसर पर अतिथियों के कर-कमलों से 8वीं, 10वीं एवं 12वीं परीक्षा 2026 के प्रथम तीन स्थान प्राप्त भैया-बहिनों को पुरस्कृत किया गया। विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर उनकी उपलब्धि का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के अंत में श्री राजेन्द्र प्रसाद देवांगन, व्याख्याता ने सभी अतिथि गणों एवं आगंतुकों के प्रति आभार ज्ञापित किया। उन्होंने समारोह में उपस्थित अतिथियों एवं आगंतुकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। सरस्वती शिशु मंदिर उच्चमाध्यमिक विद्यालय, सीतामढ़ी कोरबा में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण, माँ सरस्वती का पूजन-अर्चन, अतिथियों का स्वागत, विद्यार्थियों के देशभक्तिपूर्ण सामूहिक गीत एवं देशभक्ति विचारों से ओत-प्रोत भाषण, मुख्य अतिथि एवं कार्यक्रम अध्यक्ष के संबोधन तथा मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान ने कार्यक्रम को गरिमामय स्वरूप प्रदान किया। समारोह का समापन आभार ज्ञापन के साथ हुआ।

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