कोरबा। शहर की जर्जर सड़कों और जलभराव की समस्या को लेकर बुधवार को युवा कांग्रेस और एनएसयूआई ने नगर निगम का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर सड़क निर्माण के लिए स्वीकृत 17 करोड़ रुपए से अधिक के बजट में पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण, स्थायी निर्माण की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अब सिर्फ घोषणाओं से काम नहीं चलेगा, बल्कि ऐसी सड़कें बननी चाहिए जो लंबे समय तक टिक सकें।
गड्ढों में पानी भरने से बढ़ रहा हादसों का खतरा
ज्ञापन में कहा गया कि कोरबा की खराब सड़कें अब सिर्फ आवागमन की परेशानी नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर समस्या बन गई हैं। बारिश के दौरान सड़कों के गड्ढों में पानी भर जाने से हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
प्रदर्शनकारियों ने राजगामार-रिस्दी, बालको-कोरबा, कुसमुंडा-कोरबा और उरगा-कोरबा समेत कई सड़कों के तत्काल सुधार की मांग की। लगातार उठ रही मांगों के बाद शासन की ओर से 17 करोड़ रुपए से अधिक का बजट स्वीकृत किए जाने का हवाला देते हुए उन्होंने इस राशि के उपयोग में पारदर्शिता की मांग की।
8 प्रमुख मांगें, पूछा- किस सड़क पर कितना खर्च होगा?
प्रदर्शनकारियों ने स्वीकृत राशि का मूल आदेश और कार्यवार विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। इसके साथ ही हर सड़क की लंबाई, चौड़ाई, मोटाई, DPR/BOQ, SOR दर और प्रति किलोमीटर लागत की जानकारी सार्वजनिक करने को कहा।
उन्होंने निविदा की स्थिति और NIT/BOQ सार्वजनिक करने, सड़कों के साथ नाली और जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा खराब निर्माण मिलने पर ठेकेदार की जवाबदेही तय करने की मांग भी रखी।
सोशल मीडिया पर सामने आए सड़क और बजट से जुड़े आंकड़ों में कथित विसंगति पर भी प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाए।
कांग्रेस नेता बोले- अधिकारी कुंभकर्णी नींद में
युवा कांग्रेस के पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्याम नारायण सोनी ने आरोप लगाया कि निगम अधिकारी कुंभकर्णी नींद में सो रहे हैं। उन्होंने कहा कि घेराव शहर में सड़क और जलभराव की समस्या को लेकर लोगों की चिंता सामने रखने के लिए किया गया है।
सोनी ने भाजपा पर अंतर्कलह का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल में सड़कों की स्थिति पर सवाल उठाने वाले भाजपा पार्षद अब कहां हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ भाजपा नेताओं ने फोन कर प्रदर्शन का समर्थन किया और मंत्री व महापौर के खिलाफ नाराजगी जताई।
बैरिकेड तोड़ने की कोशिश, पुलिस ने रोका
प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल और तहसीलदार मौके पर मौजूद रहे। सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।




