नई दिल्ली। स्वाइन फ्लू का संक्रमण केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। बरसात के मौसम में राष्ट्रीय राजधानी के साथ महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, गुजरात और राजस्थान समेत कई राज्यों में संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है।
दिल्ली में 10 अगस्त तक 1344 स्वाइन फ्लू के मामले थे, जो 20 अगस्त को 1777, 26 अगस्त को 2446 और 27 अगस्त को बढ़कर 2612 हो गए। यानी 10 से 27 अगस्त के बीच 1268 मामले बढ़े हैं। इस दौरान इन्फ्लुएंजा-ए के कुल मामले 3300 से अधिक रिपोर्ट हुए।
भारत में इन्फ्लुएंजा की गतिविधि मानसून और सर्दियों दोनों में बढ़ती है। इसलिए अगस्त की मौजूदा बढ़ोतरी के बाद नवंबर से फरवरी के दौरान मामले बढ़ने की आशंका है। इस कारण फ्लू वैक्सीन की मांग पिछले वर्ष की समान अवधि से करीब तीन गुना और जुलाई की तुलना में दोगुने से अधिक हुई है।
मुंबई-पुणे हॉटस्पॉट, कर्नाटक में 4212 मामले
महाराष्ट्र में 21 अगस्त तक 1109 स्वाइन फ्लू मामले सामने आए, जो पूरे 2025 में दर्ज 942 मामलों से अधिक हैं। मुंबई में 488 और पुणे में 241 मामले हैं, यह राज्य के कुल मामलों का लगभग 65 प्रतिशत है। कर्नाटक में 22 अगस्त तक 32 जिलों में 4212 लैब-पुष्ट इन्फ्लुएंजा मामले मिले।
इनमें अकेले बेंगलुरु के दो क्षेत्रों में 3081 मामले हैं। उत्तर प्रदेश में 25 अगस्त तक 364 स्वाइन फ्लू मामले दर्ज हुए हैं और सभी 75 जिलों के अस्पतालों को निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। लखनऊ में इस मौसम स्वाइन फ्लू से 50 वर्षीय महिला की मौत की सूचना सामने आई है।
राजस्थान में अगस्त में 55 नए मामले मिलने के बाद अलर्ट जारी किया गया है। तमिलनाडु में भी करीब 3000 मामले एक माह पहले ही सामने आ चुके थे। केरल और गुजरात में भी संक्रमण बढ़ रहा है।
नया स्ट्रेन नहीं, मौसमी उछाल
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के महानिदेशक डा. राजीव बहल के अनुसार देश में जांचे गए इन्फ्लुएंजा-ए मामलों में करीब 97 से 98 प्रतिशत स्वाइन फ्लू के हैं। वर्तमान में प्रसारित वायरस नया स्ट्रेन नहीं, बल्कि परिचित मौसमी एच1एन1 पीडीएम09 है। अधिकांश हल्के और स्वयं ठीक होने वाले हैं।
लक्षण
- तेज बुखार, खांसी, गले में खराश और शरीर में दर्द।
- सिरदर्द, ठंड लगना, अत्यधिक थकान और कमजोरी।
- सांस लेने में परेशानी या सीने में दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
बचाव
- भीड़भाड़ में मास्क पहनें और हाथ साबुन-पानी से बार-बार धोएं।
- खांसते-छींकते समय मुंह-नाक ढकें।
- लक्षण होने पर घर में रहें और दूसरों से दूरी बनाए रखें।
सावधानी
- बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों का विशेष ध्यान रखें।
- डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवा न लें।




