नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवात ‘मुरासु’ अब ताकतवर तूफान में बदल गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार सुबह यह चेन्नई से 260 और नेल्लोर से 290 किलोमीटर दूर था। तूफान 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।
इसके 2 नवंबर की रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच ओंगोल के पास आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। चक्रवात का असर छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र समेत 8 राज्यों में दिखने का अनुमान है।
मध्य प्रदेश में 5 नवंबर तक आंधी-बारिश का दौर रह सकता है। ओडिशा में 2 और 3 नवंबर को भारी बारिश का अलर्ट है। बंगाल की खाड़ी में एक हफ्ते के भीतर यह दूसरा चक्रवाती तूफान है। इससे पहले चक्रवात ‘अर्नब’ 28 अक्टूबर को आंध्र के तट से टकराया था। इसके असर से आंध्र प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में बारिश हुई थी।
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इधर, उत्तर प्रदेश के देवरिया, कुशीनगर समेत 10 शहरों में सोमवार सुबह कोहरा छाया रहा। बिहार के सुपौल में कोहरे के कारण विजिबिलिटी 60 मीटर रही। उत्तराखंड के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग सहित 5 पहाड़ी जिलों में आज बारिश की संभावना है। इन इलाकों में हल्की बर्फबारी भी हो सकती है।





छत्तीसगढ़ के 9 जिलों में यलो अलर्ट
छत्तीसगढ़ में मौसम विभाग ने 2 से 4 नवंबर तक अलग-अलग जिलों के लिए यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आज 2 नवंबर को कांकेर-धमतरी समेत प्रदेश के 9 जिलों में यलो अलर्ट है।वहीं, 3 और 4 नवंबर को बस्तर संभाग के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है।
कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है।




