नई दिल्ली। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने अपनी आने वाली किताब को लेकर पोस्ट किया है। उन्होंने कहा, यह किताब जब सामने आएगी, तो कुछ तमाशा होना तय है। उन्होंने कहा, दूसरे लोग दशकों से मेरी ‘कहानी’ बताते आ रहे हैं। अब मेरी बारी है।
एक्स पर पोस्ट किए गए वीडियो में सोनिया गांधी ने कहा, मुझे नहीं पता कि मुझे पूरी कहानी बतानी चाहिए या नहीं। जब मेरे पति से प्रधानमंत्री बनने के लिए कहा गया, तो मैं इसके पूरी तरह खिलाफ थी।
उन्होंने आगे कहा, मुझे लगा कि मेरे बारे में बहुत कुछ लिखा जा चुका है। उसमें से बहुत-सी बातें सही नहीं थीं। कुछ बातें या तो गढ़ी गई थीं या बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई थीं। इसलिए मुझे लगा कि अब मैं अपनी कहानी लिख सकती हूं।
‘यह मेरा पक्ष नहीं, बल्कि मेरी कहानी है’
उन्होंने कहा, मैं तथ्यों और घटनाओं को वैसा बता सकती हूं, जैसी वे वास्तव में थीं। यह मेरा पक्ष नहीं है। मैं इसे अपना पक्ष नहीं कहूंगी, बल्कि यह मेरी कहानी है। लोगों के अलग-अलग विचार होते हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा, कुछ लोगों की मेरे बारे में राय बदल सकती है। कुछ लोगों की राय पहले से भी खराब हो सकती है। लेकिन ऐसा ही है। जब आप कोई किताब लिखते हैं या सार्वजनिक जीवन में होते हैं, तो ऐसा होता है। यहां की भाषा में कहें, तो तमाशा होना तय है।
कब रिलीज होगी किताब?
सोनिया गांधी की पहली किताब, ‘बिलॉन्गिंग – अ जर्नी ऑफ लव’ 10 नवंबर को लॉन्च होगी। इसमें उन्होंने राजीव गांधी के साथ अपनी यादें और अपने शुरुआती दिनों से लेकर अब तक के सफर के बारे में बताया है। इससे पहले 24 अक्तूबर अपने लगभग दो मिनट के वीडियो में, उन्होंने बताया था कि कैसे उनकी मुलाकात कैम्ब्रिज में (पूर्व प्रधानमंत्री) राजीव गांधी से हुई थी। उन्होंने अपनी और राजीव गांधी की तस्वीरें दिखाईं, साथ ही उस रेस्तरां की तस्वीर भी दिखाई जहां वे पहली बार मिले थे।
पहली बार कहां हुई राजीव गांधी से मुलाकात?
अपने पहले ‘एक्स’ पोस्ट में उन्होंने बताया था, ‘कैम्ब्रिज के एक छोटे से ग्रीक रेस्तरां में मेरे प्यार का सफर शुरू हुआ। राजीव और मैंने प्यार, हंसी और यादों से भरी एक दुनिया बनाई। 10 नवंबर को, मैं उस दुनिया को आपके साथ साझा करूंगी।’
वीडियो में तस्वीरें दिखाते हुए कांग्रेस नेता ने राजीव गांधी को एक बहुत ही आकर्षक और सौम्य इंसान बताया। जब उनसे पूछा गया कि राजीव गांधी से प्यार होना कैसा था, तो उन्होंने कहा कि उन दिनों इंग्लैंड में खाना बहुत खराब होता था। तब आज की तरह इतने सारे रेस्तरां नहीं हुआ करते थे। इसलिए, मैं हमेशा ऐसी जगह की तलाश में रहती थी जहां मुझे अपने पसंद का खाना मिल सके। यानी इतालवी खाना। फिर हमें यह जगह (वर्सिटी रेस्तरां) मिली। यह एक ग्रीक रेस्तरां था, जहां कई यूरोपीय और भारतीय छात्र खाना खाने आते थे। और इसी रेस्तरां में मेरी मुलाकात राजीव से हुई।
वीडियो में राजीव गांधी को याद करते हुए उन्होंने कहा, ‘जब मैं उनसे पहली बार मिली, तो मुझे तुरंत महसूस हुआ कि वह ऐसे इंसान हैं जिनके साथ मैं रहना चाहूंगी और जाहिर है, उनके मन में भी मेरे लिए यही भावनाएं थीं।’ उन्होंने बताया कि उनकी और राजीव गांधी की पहली मुलाकात एक कॉमन दोस्त के जरिये हुई थी। फिर, हम दोस्त बन गए। फिर दोस्तों के साथ पार्टियों में जाना या घूमने-फिरने जाना; एक बार हम वैलेंटाइन पार्टी में भी गए थे, जहां बहुत सारे छात्र मौजूद थे। उन्होंने कहा, ‘वह देखने में बहुत ही सौम्य इंसान लग रहे थे। बेशक, वह बहुत हैंडसम थे, लेकिन उनके व्यक्तित्व में वह सौम्यता साफ झलकती थी। इस बात ने मुझे सच में बहुत प्रभावित किया। इसलिए, उनसे पहली मुलाकात का वह पल मैं कभी नहीं भूल सकती।’




