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कोरबा: SECL कुसमुंडा खदान में 100 टन क्षमता वाले डम्पर में लगी आग, ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान

कोरबा । कोरबा में एसईसीएल कुसमुंडा परियोजना के गोदावरी फेस में बुधवार देर रात एक 100 टन क्षमता वाले डंपर में आग लग गई। कोयला परिवहन कर रहे इस डंपर में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। पीछे चल रही दूसरी गाड़ी के ड्राइवर की सतर्कता से  ड्राइवर ने कूदकर अपनी जान बचाई।

यह घटना बुधवार रात करीब 11:30 बजे कुसमुंडा खदान के गोदावरी फेस एरिया में हुई। एसईसीएल का 100 टन डंपर कोयला लेकर जा रहा था, तभी अचानक उसके इंजन से धुआं उठने लगा।

कुछ ही सेकण्ड्स में आग की लपटें दिखी

पीछे चल रहे दूसरे डंपर के ड्राइवर ने आग देखकर हॉर्न बजाकर आगे वाले ड्राइवर को सतर्क किया। कुछ ही सेकंड में आग की लपटें निकलने लगीं।

दमकल आते तक गाड़ी का एक हिस्सा जल कर खाक

बताए जाने पर डंपर ड्राइवर ने तुरंत गाड़ी को साइड में खड़ा किया और कूदकर बाहर निकल आया। इसके तुरंत बाद पूरा डम्पर आग  की चपेट में आ गया। खदान में काम कर रहे कर्मचारियों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी।

दमकल के पहुंचने तक डंपर का एक बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो चुका था। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया।

खदान में पहले भी हुई है इसी घटनाएं

कुसमुंडा खदान में डम्पर में आग लगने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार शॉर्ट सर्किट और तकनीकी खराबी के कारण एसईसीएल के भारी वाहनों में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। खदान कर्मियों का आरोप है कि वाहनों का नियमित रखरखाव न होने और पुराने डम्परों के इस्तेमाल से ऐसे हादसे हो रहे हैं।

मौके पर पहुंचे अधिकारी

घटना की सूचना मिलते ही एसईसीएल कुसमुंडा प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट होने की बात कही है । मामले की विस्तृत तकनीकी जांच कराई जा रही है।

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