कोरबा । जिले के उरगा थाना क्षेत्र के भलपहरी गांव में विवाहिता विनीता पाटले की मौत का मामला अब और संदिग्ध हो गया है। दफन के चार दिन बाद शुक्रवार को भारी पुलिस बल, तहसीलदार, स्वास्थ्य विभाग और फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में कब्र से शव निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया। मायके पक्ष ने पति मुकेश पाटले, सास-ससुर पर दहेज प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगाया है।
रोते-बिलखते विनीता मायके पहुंचती थी, लेकिन बच्चों के भविष्य की खातिर परिवार हर बार समझौता कर उसे वापस ससुराल भेज देता था। मृतका की मां ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि कुछ समय पहले मुकेश ने विनीता को फांसी लगाकर मारने की कोशिश भी की थी। हाल ही में मुकेश कुछ रिश्तेदारों को गांव के पंच-सरपंच बताकर गिधौरी पहुंचा और समझौते के नाम पर विनीता को ले गया।
परिजनों का दावा है कि मृतका के शरीर पर कई चोट के कई निशान मिले। नाक और मुंह से खून निकलने की बात भी सामने आई। इसके बावजूद बिना पोस्टमार्टम आनन-फानन में शव दफना दिया गया। विनीता की बहन ने बताया कि कुछ दिन पहले तक वह पूरी तरह स्वस्थ थी और शादी कार्यक्रम में डांस भी कर रही थी। फिर अचानक एक-दो दिन में मौत कैसे हो गई।
अगर मौत बीमारी से हुई थी तो पोस्टमार्टम से बचने की कोशिश क्यों की गई। ससुराल पक्ष सही जानकारी देने से क्यों बचता रहा। जब मुकेश पाटले से सवाल किया गया तो वह कैमरे के सामने गोलमोल जवाब देता रहा। उसने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया, लेकिन यह नहीं बता पाया कि विनीता बार-बार मायके क्यों भागती थी।
उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच कराई गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। अब पूरा मामला पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिका है, जो तय करेगी कि विनीता की मौत बीमारी से हुई या दहेज प्रताड़ना ने उसकी जान ली।




