Home » राष्ट्रीय » चढ़ावा चोरी: आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी, चंपत राय पर FIR के लिए वकीलों का प्रदर्शन

चढ़ावा चोरी: आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी, चंपत राय पर FIR के लिए वकीलों का प्रदर्शन

अयोध्या। अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी में पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ शासन प्रशासन बेहद सख्त ऐक्शन के मूड में आ गया है। बुलडोजर ऐक्शन के साथ ही सभी आरोपियों पर गैंगस्टर लगाने की भी तैयारी की जा रही है। एक आरोपी लवकुश मिश्रा के घर अयोध्या विकास प्राधिकरण की टीम पहुंची है। उसके सहादतगंज में बन रहे नए घर का टीम ने सर्वे किया है। उसके घर वालों से पूछताछ की गई है। अब नोटिस देने की तैयारी हो रही है। इधर, अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर जिला कचहरी से बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। चंपत राय, अनिल मिश्रा,गोपाल राव पर FIR के लिए अयोध्या में वकीलों का प्रर्दशन किया। सैकड़ों वकील जुलूस की शक्ल में थाना राम जन्मभूमि की ओर बढ़े। इस दौरान राम पथ पर पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेडिंग को लेकर पुलिस और वकीलों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ गए।

अधिवक्ताओं ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए थाना राम जन्मभूमि में तहरीर दी। पुलिस ने प्रदर्शनकारी वकीलों को सिविल लाइन पुलिस चौकी के पास रोक दिया। बाद में अधिवक्ताओं को उनकी तहरीर की रिसीविंग सौंप दी गई।

चढ़ावा चोरी मामले में अब तक हुई जांच और कार्रवाई के आधार पर मिले साक्ष्य गैंगस्टर के लिए पर्याप्त माने जा रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक गिरोहबंद अधिनियम के तहत कार्रवाई के लिए विधिक राय ली जा रही है। श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला जून के पहले सप्ताह से ही चल रहा है। जानकारी होने पर मंदिर ट्रस्ट ने पहले अपने स्तर पर जांच की। पुलिस के साथ छापेमारी की और नगद बरामदगी की। जब मामला खुल गया और दबाव बना तो राज्य सरकार से एसआईटी जांच की सिफारिश कर दी। एसआईटी भी करीब एक सप्ताह तक डेरा डाले रही। सभी तथ्यों की जांच में चोरी के साक्ष्य मिलने के बाद मामला और गरमा गया।

आरोपियों से अब तक 80 लाख रुपए बरामद

इधर ट्रस्ट पर भी एफआईआर का दबाव बढ़ गया। एसआईटी रिपोर्ट मिलने के बाद ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन ने 8 नामजद और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने नामजद आरोपियों रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, उसके रिश्तेदार मनीष यादव, कैश गणना में लगे अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, रमाशंकर मिश्रा तथा करुणेश पांडेय को गिरफ्तार किया है। इनसे करीब 80 लाख रुपए बरामद हुए हैं। अविनाश शुक्ला के पास से 20 लाख, रामशंकर यादव टिन्नू 20 लाख, करुणेश पाण्डेय के पास से 18 लाख, अनुकल्प मिश्रा के पास से 16 लाख, लवकुश मिश्रा के पास से 14 लाख 32 हजार, रामशंकर मिश्रा के पास से सात लाख और मनीष यादव के पास से 2 लाख रुपए बरामद हुए हैं।

एक बार फिर ताबड़तोड़ छापेमारी

वहीं, आरोपियों पर फिर से ताबड़तोड़ छापेमारी भी हो रही है। अनुकल्प मिश्रा ने भी हाल ही में कौशलपुरी में मकान खरीदा था। खबर छपते ही पुलिस टीम हरकत में आई। रामजन्मभूमि थाने की पुलिस टीम बुधवार दोपहर रुदौली थाने की पुलिस के साथ फगौली ठकुरान स्थित लवकुश के घर पहुंची और परिजनों से लवकुश के आय के स्रोत व एक वर्ष के भीतर खरीदे गए भूखण्ड व अन्य कीमती सामानों के सम्बंध में जानकारी हासिल की।

भूसे के ढेर को खोदकर तलाशी

पुलिस ने लवकुश के घर में मौजूद दादी गिरिजा देवी से काफी देर तक पूछताछ कर अहम जानकारियां हासिल कीं। परिवार के लोगों से पूछताछ, घर में तलाशी के अलावा भूसे के ढेर को भी खंगाला। लाठी से भूसे के ढेर को खोदकर यह पता लगाने की कोशिश की कि कहीं चढ़ावे की चोरी का पैसा यहां तो नहीं छिपाया है। इसलिए भी भूसे की तलाशी ली गई कि लवकुश के यहां से ही कुछ दिनों पहले उपले के ढेर से रुपये बरामद हुए थे।

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में आरोपियों की पैरवी नहीं करेंगे अधिवक्ता

इससे पहले राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अयोध्या बार एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाया है। कचहरी परिसर स्थित बार एसोसिएशन सभागार में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि संघ का कोई भी अधिवक्ता इस मामले के आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा। बैठक को संबोधित करते हुए बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने कहा कि अधिवक्ता संघ ने निर्णय लिया है कि कोई भी अधिवक्ता आरोपियों की पैरवी न्यायालय में नहीं करेगा। अगर कोई आरोपियों की पैरवी करेगा तो उसे पांच लाख रुपया जमा करना पड़ेगा। अगर वह जमा नहीं करेगा तो उसी दिन से उनकी सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी।

चंपत राय के भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए

उन्होंने बताया कि अभियोजन पक्ष (प्रोसिक्यूशन) की प्रभावी पैरवी के लिए बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। उनके साथ पांच अन्य अधिवक्ताओं की टीम भी गठित की जाएगी, जो मामले की पैरवी में शामिल रहेगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मांग की जाएगी कि मामले की पैरवी में अधिवक्ता संघ के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए। इसके अलावा संघ ने मांग उठाई कि चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ धारा 173 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर उनकी भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि जांच पूरी होने तक वे अयोध्या छोड़कर न जा सकें।

Facebook
X
WhatsApp
Telegram