नई दिल्ली। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के लीडर अशुतोष रांका ने रिहाई के बाद आरोप लगाया कि शनिवार को उन्हें, अभिजीत दीपके और सौरव दास को फ्लाइट से उतरते ही किडनैप कर लिया गया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- सरकार ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी तरह चुनाव आयोग को बचाना चाहती है। इसके लिए हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया।
प्रेस कॉन्फ़्रेंस में आशुतोष रांका ने कहा, “नरेंद्र मोदी भारत के इतिहास के अब तक के सबसे कायर प्रधानमंत्री हैं.” सौरव दास ने आरोप लगाते हुए कहा, “ये वो सरकार है जिसने नीरव मोदी और विजय माल्या को फ़्लाइट में बैठाकर देश से बाहर भेज दिया है जबकि हमें फ़्लाइट के अंदर से उठवा लिया गया.”
वहीं, सौरव दास ने कहा- पूरे देश में इमरजेंसी जैसे हालात हैं। ऐसे हालात आखिरी बार 1975 में तानाशाही शासन के दौरान देखे गए थे। सौरव ने कहा- सरकार अपने ही लोगों से जंग लड़ रही है।दिल्ली को छावनी बना दिया गया है और प्रदर्शनकारियों की गलत छवि पेश की जा रही है।
दिपके, सौरव और अशुतोष करीब 23 घंटे हिरासत के बाद रविवार सुबह करीब 10 बजे रिहा हुए। दीपके रिहाई के बाद अपनी दादी के निधन के कारण महाराष्ट्र स्थित घर रवाना हो गए। दूसरी तरफ, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन जारी है।
कनॉट प्लेस के इनर सर्कल और राजीव चौक से जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे SFI और अन्य छात्र संगठनों के कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। प्रदर्शनकारी ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ के नारे लगा रहे थे। SFI ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट का आरोप भी लगाया है। इलाके में भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात हैं।
रत्ना सिंह बोलीं- पुलिस को कार्रवाई के आदेश किसने दिए, सरकार बताए
CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश किसने दिए थे। उन्होंने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि ऐसे आदेश क्यों जारी किए गए।
सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस ने भाजपा के लोगों को नहीं रोका, जबकि प्रदर्शन के दौरान युवाओं के साथ गलत व्यवहार किया गया। रत्ना सिंह ने कहा कि घर लौटने के बाद भी सरकारी अधिकारी उनके घर के नीचे खड़े रहे।
सौरव बोले- एक व्यक्ति को बचाने के लिए डर का माहौल बनाया जा रहा
सौरव दास ने आरोप लगाया कि पूरे देश में भय का माहौल बनाया गया है और यह सब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि ज्ञानेश कुमार के पास ऐसा कौन-सा राज है, जिसकी वजह से सरकार उन्हें पद से नहीं हटा रही है।
दास ने यह भी दावा किया कि उन्हें जानकारी मिली है कि RSS भी ज्ञानेश कुमार को हटाने के पक्ष में है। उन्होंने सवाल किया कि क्या 2024 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी से प्रधानमंत्री की जीत में भी ज्ञानेश कुमार की कोई भूमिका थी?
सौरव बोले- प्रदर्शनकारियों की गलत छवि बनाई जा रही
सौरव दास ने कहा- सरकार ने दिल्ली को छावनी बना दिया है। बॉर्डर एरिया से सुरक्षाबलों को दिल्ली में तैनात कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों की गलत छवि बनाई जा रही है। ट्रेनें और दुकानें बंद कर दी गईं। सरकार को लगता है कि युवाओं के खिलाफ माहौल बनेगा, लेकिन ऐसा नहीं होगा।
सौरव दास बोले- देश में आपातकाल जैसे हालात
CJP लीडर सौरव दास ने आरोप लगाया कि पूरे देश में आपातकाल जैसे हालात हैं। ऐसे हालात पिछली बार 1975 में देखे गए थे। उन्होंने कहा कि सरकार देश को सिविल वॉर की ओर ले जाना चाहती है। बड़ी संख्या में लोग सरकार से अपनी परेशानी बताने दिल्ली आ रहे हैं, लेकिन सरकार को उनसे बात करने के बजाय अपने ही लोगों से जंग लड़ रही है।
रांका बोले- पुलिस दादी की मौत की खबर देने कैमरा-माइक लेकर पहुंची
अशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि अभिजीत दीपके की दादी के निधन की खबर देने के दौरान भी दिल्ली पुलिस कैमरा और माइक लेकर पहुंच गई थी। उन्होंने कहा कि दीपके पुलिस से बार-बार अपने कजिन से बात कराने की गुहार लगाते रहे, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।




