मेरठ। बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड में फैसला बुधवार को आने की संभावना है। अभियोजन पक्ष ने अदालत में 22 गवाहों के बयान और वैज्ञानिक साक्ष्य पेश किए हैं। गवाहों के बयानों में हत्या से पहले चाकू और उस्तरा खरीदने, 1200 लीटर का नीला ड्रम लेने, सीमेंट खरीदने, दवा लेने और घटना के बाद आरोपियों के घूमने तक की कड़ियों का उल्लेख किया गया है।
डीजीसी कृष्ण कुमार चौबे का कहना है कि उन्होंने वैज्ञानिक साक्ष्यों और 22 गवाहों के बयानों की अटूट कड़ी को अदालत में सिलसिलेवार ढंग से पेश किया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सौरभ की हत्यारोपी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी।
दूसरी ओर बचाव पक्ष ने मामले में चश्मदीद गवाह न होने का तर्क देते हुए दोनों आरोपियों को राहत देने की मांग की है। दलील दी है कि संपत्ति विवाद में दोनों आरोपियों को फंसाया गया है।

गवाह नंबर 1 : भाई से संपर्क न होने पर गहराया शक
18 मार्च 2025 को ब्रह्मपुरी थाने में उसने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनके भाई सौरभ ने मुस्कान से प्रेम विवाह किया था। सौरभ ने उसे बताया था कि वर्ष 2019 से उसकी पत्नी मुस्कान रस्तौगी के साहिल शुक्ला से संबंध हैं।
उसने यह भी कहा था कि उसे अपनी जान का खतरा है। सौरभ बेटी पीहू का जन्मदिन मनाने विदेश से मेरठ आया था। इसी दौरान पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल ने उसकी हत्या कर दी। मैंने सौरभ से संपर्क का प्रयास किया था। संपर्क न होने पर मुझे हत्या का शक होने लगा था। -बबलू कुमार (वादी सौरभ का बड़ा भाई)
गवाह नंबर 2 : ब्रह्मपुरी में नीले ड्रम से मिला था सुराग
मैंने ब्रह्मपुरी स्थित मकान में नीले ड्रम में शव मिलने की तहरीर दर्ज की थी। बाद में सौरभ के भाई की तहरीर पर मुस्कान के प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति की हत्या करने और शव के टुकड़े कर ड्रम में छिपाने की बात सामने आई। -बृजेश कुमार (कांस्टेबल)

गवाह नंबर 3 : साहिल से मिलती थी मुस्कान
सौरभ ने हमारी मर्जी के खिलाफ मोहल्ले की मुस्कान से शादी की थी। ससुराल में मुस्कान का व्यवहार बहुत खराब था। उन्हें पता चला कि सौरभ के लंदन जाने के बाद वह साहिल से मिलती थी। वह सौरभ से विवाह के बाद भी एक बार घर और बेटी को छोड़कर जा चुकी थी। -रेणु देवी (मृतक की मां)
गवाह नंबर 4 :तीन मार्च की रात प्रेमी को घर में दाखिल होते देखा
तीन मार्च की रात मैंने साहिल को सौरभ के घर जाते देखा था। उस वक्त घर पर सौरभ और मुस्कान मौजूद थे। बाद में पता चला कि उसी रात साहिल और मुस्कान ने मिलकर सौरभ की हत्या कर दी और शव को नीले ड्रम में छिपा दिया। -सौरभ (पड़ोसी और सौरभ के बचपन का दोस्त)

गवाह नंबर 5 : फल काटने का बहाने बनाकर खरीदा चाकू और उस्तरा
एक लड़की मेरी दुकान पर सब्जी और फल काटने के बहाने चाकू और उस्तरा खरीदने आई थी। बाद में अखबार में फोटो देखकर मैंने उसे पहचाना कि वह मुस्कान ही थी। -राकेश कुमार (चाकू विक्रेता)
गवाह नंबर 6 : अनाज के बहाने खरीदा था नीला ड्रम
मुस्कान और साहिल मेरी दुकान से अनाज रखने का बहाना बनाकर 1200 लीटर का नीला प्लास्टिक ड्रम खरीदकर ई-रिक्शा में ले गए थे। समाचार पत्र में फोटो देखकर मैंने दोनों को पहचाना। -सैफुद्दीन (नीला ड्रम विक्रेता)

गवाह नंबर 7 : शव को छिपाने के लिए खरीदी बालू और सीमेंट
एक लड़का और लड़की ई-रिक्शे से आए थे और बालू व सीमेंट खरीदकर ले गए थे। बाद में समाचारों से स्पष्ट हुआ कि वे मुस्कान और साहिल ही थे।-अक्षय शर्मा (सीमेंट व्यापारी)
गवाह नंबर 8 : कभी नहीं लिखी नशीली दवा
मुस्कान बुखार और कमजोरी का इलाज कराने आई थी। मैंने उसे सामान्य दवाएं दी थीं। मुस्कान के पर्चे पर उन्होंने नशीली दवा नहीं लिखी।-डॉ.अरविंद कुमार देशवाल (चिकित्सक)

एक लड़की डॉक्टर देशवाल के पर्चे पर नशीली व अन्य दवाएं लेने आई थी। मैंने पर्चा देखकर दवा दी। वारदात के खुलासे के बाद फोटो देखकर पहचाना कि वह मुस्कान थी। -अमित जोशी (उषा मेडिकल स्टोर संचालक)
गवाह नंबर 10 : ड्रम काटते ही निकले सीमेंट में जमे शव के टुकड़े
पुलिस ने मुझे मोर्चरी बुलाकर नीला ड्रम काटने को कहा था। ड्रम काटने पर उसमें से सीमेंट, तकिए के खोल, एक सिरकटी लाश, दो हाथ के पंजे, उस्तरा और चाकू बरामद हुए। वह शव सौरभ का था।-अशोक कुमार (ड्रम काटने वाला कारीगर)

ब्रह्मपुरी स्थित मकान में नीले ड्रम के अंदर सीमेंट में जमे सौरभ के शव के टुकड़े मिले थे। ड्रम कटवाने पर शव तीन टुकड़ों (सिर और हाथ के पंजे अलग) में मिला। सीमेंट में दबने के कारण शव सफेद पड़ चुका था।-धर्मेंद्र कुमार (पंचनामा भरने वाला दरोगा )
गवाह नंबर 12 : हत्या से पहले दिया गया था जहर, छाती पर चाकू के निशान
सौरभ के हाथ के पंजे और सिर धड़ से अलग थे। छाती पर चाकू से वार के तीन गहरे निशान थे। मृत्यु से पूर्व उसे नशीला पदार्थ खिलाया गया था और शरीर पर कई धारदार चोटों के निशान थे।-डॉ.दिनेश सिंह चौहान (पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर)

हत्या के बाद मुस्कान और साहिल मेरी कैब से कसोल, मनाली और मसूरी घूमने गए थे। दोनों खुद को पति-पत्नी बताते थे। 19 मार्च को अखबार में फोटो देखकर मुझे सच्चाई का पता चला।-अजब सिंह (कैब ड्राइवर)
गवाह नंबर 14 : पुलिस जांच में नक्शा व फर्द से खुला हत्या का सच
घटनास्थल के निरीक्षण, नक्शा नजरी और फर्द बरामदगी के जरिये जांच में मुस्कान के प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ की हत्या करने और शव छिपाने का पूरा सच सामने आया था।-कर्मवीर सिंह (उप निरीक्षक / विवेचक)

मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए घटनास्थल व आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयोग किया गया और अन्य बरामद सामान को सील कर कोर्ट के समक्ष पेश किया गया।-रमाकांत पचौरी (निरीक्षक / विवेचक)
गवाह नंबर 16 : सिम की लोकेशन और कॉल डिटेल
पुलिस की मांग पर आरोपियों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) और टावर लोकेशन डाटा अदालत को साक्ष्य के रूप में प्रदान किया गया।-लोकेश कुमार (नोडल अधिकारी, रिलायंस जियो) nछह अन्य गवाहों ने भी बयान दिए।

लंदन में काम करने वाला सौरभ 24 फरवरी 2025 को मेरठ लौटा था। 3 मार्च की रात मुस्कान ने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर सौरभ की चाकू से हत्या की। दोनों ने शव के टुकड़े करके प्लास्टिक के नीले ड्रम में सीमेंट भरकर बंद कर दिया। 7 मार्च को पुलिस ने मामला खोला। 19 मार्च को मुस्कान को जेल भेजा गया और तभी वह गर्भवती पाई गई। तभी से बच्चे की पहचान, उसका पिता सौरभ या साहिल इसे लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। अब इस केस में अदालत के फैसले पर हर किसी की निगाहें टिकी हुई हैं।




