मुंबई। पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक केतन की हत्या से पहले सिया और चेतन ने गूगल से काफी मदद ली थी और अपनी पूरी तैयारी पुख्ता की थी. उन्होंने केतन की हत्या कैसे करनी है… उसका पूरा रिहर्सल किया था. इसके साथ ही इस घटना को अंजाम देने के बाद वह कैसे सुरक्षित इस मामले से बाहर निकल सकते हैं, इसकी भी प्लानिंग पहले ही कर ली थी. पुलिस ने बताया कि सिया ने गूगल पर यह सर्च किया था कि आखिर घटना को कैसे अंजाम दिया जाए और इस घटना को अंजाम देने के लिए कौन सी जगह सही रहेगी?
गूगल पर हत्या की योजना से जुड़े सवाल खोजती रही सिया
रिपोर्ट के मुताबिक, सिया ने केतन को रास्ते से हटाने की पूरी योजना बनाने के लिए गूगल का सहारा लिया। उसने इंटरनेट पर यह तलाशा कि हत्या को किस तरह अंजाम दिया जाए और बाद में उसे हादसा कैसे दिखाया जा सकता है। पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले उसकी बाकायदा रिहर्सल भी की थी।
गूगल पर खोजा था ‘डेथ पॉइंट’
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान सिया ने स्वीकार किया कि उसने गूगल पर लोहागढ़ किले का ‘डेथ पॉइंट’ भी सर्च किया था। इतना ही नहीं, उसने किले की सबसे ऊंची और सुनसान जगह के बारे में भी जानकारी जुटाने की कोशिश की थी, ताकि वारदात को अंजाम देने के लिए उपयुक्त स्थान चुना जा सके।
पुलिस से क्या कहना है, पहले ही कर ली थी तैयारी
जांच में यह भी सामने आया कि सिया और चेतन ने पहले से तय कर लिया था कि पुलिस पूछताछ के दौरान किन सवालों का क्या जवाब देना है और किन सवालों को टालना या घुमाना है। दोनों ने अपने जवाब इस तरह याद कर रखे थे कि शुरुआती पूछताछ में ही पुलिस को उन पर शक हो गया। पुलिस के मुताबिक, शक से बचने के लिए दोनों ने वेश बदलने तक की योजना बनाई थी।
डिजिटल सबूत मिटाने की भी की कोशिश
पुलिस का कहना है कि वारदात के बाद सिया और चेतन ने अपने मोबाइल फोन से चैट और अन्य डिजिटल सबूत मिटाने की कोशिश की। उनका मकसद यह था कि यदि वे पुलिस के हाथ लग भी जाएं, तो उनके मोबाइल से कोई ऐसा सबूत न मिले जो हत्या की साजिश की पुष्टि कर सके।
शादी टालने के लिए रची गई साजिश
पुलिस पूछताछ में सिया ने बताया कि उसे लगा था कि अगर केतन की हत्या हो जाती है तो उसे शादी टालने के लिए कम से कम तीन साल का समय मिल जाएगा। वहीं, उसका प्रेमी चेतन चौधरी भी शादी के लिए दो से तीन साल का वक्त और चाहता था। दोनों को लगा कि इस स्थिति से निकलने का सबसे आसान तरीका केतन को रास्ते से हटाना है। सिया का कहना था कि यदि वह परिवार के सामने शादी से इनकार करती, तो उसे डर था कि इससे परिवार की समाज में बदनामी होगी।