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बदरीनाथ चढ़ावा हेराफेरी: आरोपी कर्मचारी नौटियाल निलंबित, तीन सदस्यीय समिति को सौंपी जांच

बदरीनाथ।बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे में हेराफेरी करने के आरोपी वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया गया है। वहीं गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति को जांच सौंपी गई। समिति 15 दिन के भीतर सरकार को जांच रिपोर्ट सौंपेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बदरीनाथ मंदिर में वित्तीय अनियमितता के आरोपों का सख्त संज्ञान लिया है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे में हेराफेरी के आरोपी वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया है। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की ओर से जारी आदेश के अनुसार नौटियाल के विरुद्ध पदीय दायित्वों के निर्वहन में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आने पर तीन जुलाई 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
साथ ही मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया। प्रारंभिक परीक्षण में आरोपों की पुष्टि होने पर निलंबन की कार्रवाई कर नौटियाल को बीकेटीसी कार्यालय जोशीमठ में संबद्ध किया गया है। निलंबन अवधि में सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी और उन्हें अनिवार्य रूप से जांच में सहयोग देना होगा।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर उच्चस्तरीय समिति गठित

बदरीनाथ धाम में चढ़ाने में अनियमितता मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शासन ने मामले की गहन जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। आयुक्त गढ़वाल मंडल आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में समिति में प्रबंध निदेशक एनएचएम संदीप तिवारी, स्वास्थ्य महानिदेशक के निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान सदस्य होंगे। सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल ने आदेश कर समिति से 15 दिनों में जांच रिपोर्ट शासन को सौंपने के निर्देश दिए हैं।

जांच के दौरान आवश्यकता पड़ने पर समिति किसी भी अधिकारी, विशेषज्ञ अथवा अन्य संबंधित व्यक्ति का सहयोग एवं परामर्श प्राप्त कर सकेगी। साथ ही समिति दान-चढ़ावे के प्रबंधन तंत्र को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपायों एवं सुझावों से भी शासन को अवगत कराएगी।

प्रोटोकॉल और थाली भेंट गणना कार्य से जुड़ा था कर्मचारी

आरोपी कर्मचारी बदरीनाथ धाम में प्रोटोकॉल और थाली भेंट गणना कार्य से जुड़ा हुआ था। ये दोनों व्यवस्थाएं मंदिर संचालन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। प्रोटोकॉल व्यवस्था में पांच कर्मचारी तैनात रहते हैं जबकि थाली भेंट गणना कार्य में छह कर्मचारी अपनी सेवाएं देते हैं। आरोपी कर्मचारी को प्रोटोकॉल का नोडल अधिकारी भी बनाया गया था।

जानकारी के अनुसार संबंधित कर्मचारी की तैनाती पूर्व में बीकेटीसी के देहरादून कार्यालय में थी। इस वर्ष उसे बदरीनाथ धाम में नियुक्त किया गया था। हाल ही में उस पर आर्थिक अनियमितता और चढ़ावे में हेराफेरी के आरोप लगने के बाद बीकेटीसी ने मामले की जांच शुरू की।

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