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बिलासपुर: हिंदू विरोधी टिप्पणी को लेकर 2 पक्षों में पथराव-तोड़फोड़, पुलिस ने किया लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़े; TI समेत कई घायल

बिलासपुर। बिलासपुर में दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद शुक्रवार रात माहौल गरमा गया। इस विवाद को कथित हिंदू विरोधी टिप्पणी का रूप देते हुए सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसके बाद दोनों पक्षों में पथराव और गाड़ियों में तोड़फोड़ शुरू हो गई। आसपास के कई घरों और दुकानों में भी तोड़फोड़ हुई है।

यह घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद भी भीड़ नहीं छंटी। पत्थरबाजी और झूमाझटकी में तारबाहर टीआई रवि तिवारी का सिर फट गया। आरक्षक समेत कई लोग घायल हो गए।

इधर, स्थिति नियंत्रित करने के लिए कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह को हेलमेट पहनकर सड़क पर उतरना पड़ा। जबकि जांजगीर-चांपा, मुंगेली और सीएएफ के अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला समेत हिंदूवादी संगठनों के लोग थाने में पहुंच गए। तड़के 4 बजे तक भीड़ थाने और आसपास जुटी रही।

विवाद के बाद दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर जमकर पत्थर फेंके।
विवाद के बाद दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर जमकर पत्थर फेंके।
पत्थरबाजी में तारबाहर टीआई रवि तिवारी का सिर फट गया। उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया।
पत्थरबाजी में तारबाहर टीआई रवि तिवारी का सिर फट गया। उन्हें इलाज के लिए ले जाया गया।
पुलिस ने भीड़ हटाने के लिए पहले लाठीचार्ज किया, फिर आंसू गैस के गोले छोड़े।
पुलिस ने भीड़ हटाने के लिए पहले लाठीचार्ज किया, फिर आंसू गैस के गोले छोड़े।
जानिए क्या है पूरा मामला

जानकारों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट से विवाद शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर कथित हिंदू विरोधी कमेंट को लेकर हिंदूवादी संगठन के लोग सिटी कोतवाली क्षेत्र के खपरगंज इलाके में पहुंच गए। इसके बाद एक पक्ष ने दूसरे से मारपीट की और आनन-फानन में दूसरा पक्ष भी आक्रामक हो गया, जिससे विवाद बढ़ गया।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जिस समय विवाद शुरू हुआ और युवकों की भीड़ जुटनी शुरू हुई, तब सिटी कोतवाली टीआई के साथ ही सीएसपी गनन कुमार और एडिशनल एसपी पंकज पटेल को घटना की जानकारी दी गई, लेकिन उन्होंने सिर्फ पेट्रोलिंग टीम को मौके पर भेज दिया। वहां पुलिस की मौजूदगी में मारपीट के बाद पथराव शुरू हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों ने यह भी कहा कि आमतौर पर इस तरह लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति होने पर दोयम दर्जे के अफसर मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित कर लेते रहे हैं, लेकिन इस बार पुलिस अफसरों की इस उदासीनता का नतीजा यह हुआ कि भीड़ उग्र हो गई, जिसके बाद तनाव की स्थिति निर्मित हो गई।

CSP से धक्का-मुक्की, TI समेत कई घायल

तनाव बढ़ने के बाद दोनों पक्षों की भीड़ आमने-सामने आ गई, जिसके बाद पथराव और तोड़फोड़ शुरू हो गई। इस दौरान पुलिस अफसर और जवानों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन बेकाबू भीड़ उग्र हो गई।

भीड़ ने सिविल ड्रेस में पहुंचे सीएसपी गगन कुमार के साथ धक्का-मुक्की करते हुए हाथापाई शुरू कर दी। वहीं, पथराव में तारबाहर टीआई रवि तिवारी का सिर फट गया। जबकि, आरक्षक समेत कई लोग घायल हो गए।

आंसू गैस के गोले नहीं छूटे तो हाथ से फेंका

इस दौरान दोनों पक्षों की भीड़ के आगे पुलिस टीम बेबस नजर आई। सिटी कोतवाली चौक के पास जमा भीड़ से पुलिस ने पहले बातचीत कर मामला सुलझाने की कोशिश की, लेकिन दूसरी ओर से पत्थरबाजी होने से चौक पर मौजूद भीड़ और आक्रोशित हो गई।

पुलिस ने भीड़ हटाने के लिए पहले लाठीचार्ज किया, फिर आंसू गैस के गोले छोड़े। हालांकि, फायर नहीं होने के कारण सरकंडा टीआई प्रदीप आर्या ने हाथ में लेकर फेंका। एक के बाद एक पांच से छह गोले छोड़े गए। इसके बाद भी भीड़ नहीं छंटी।

थाने में घुसकर भीड़ ने मचाया बवाल

इस दौरान तनाव इतना बढ़ गया कि भीड़ सिटी कोतवाली थाने में घुस गई। थाने के भीतर आक्रामक भीड़ गाली-गलौज कर हंगामा मचाती रही। उनका कहना था कि पथराव करने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाए। वहीं, कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह अंदर लोगों को समझाइश देते रहे।

जांजगीर-चांपा, मुंगेली से बुलाया गया एक्स्ट्रा बल

लगातार बढ़ रही लोगों की भीड़ और बढ़ते तनाव को नियंत्रित करने के लिए एसएसपी रजनेश सिंह ने पुलिस लाइन के साथ ही जिलेभर के थानेदार और इंस्पेक्टर के साथ ही जवानों को मौके पर बुला लिया।

इसके साथ ही जांजगीर-चांपा, मुंगेली के साथ ही सीएएफ के जवानों को बुलाया गया। रात करीब 2.30 बजे तक भीड़ मौके पर जुटी रही और नारेबाजी कर हंगामा मचाते रहे।

कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने संभाला मोर्चा।
कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने संभाला मोर्चा।

लाठी लेकर सड़क पर उतरे SSP

घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह थाना परिसर से भीड़ को खदेड़ने के लिए सड़क पर उतर आए। आसपास की बिजली बंद कर लाठीचार्ज किया गया।

इसके बाद हेलमेट पहनकर कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह पैदल मार्च पर निकल पड़े। उनकी मौजूदगी में भीड़ को तितर-बितर किया गया। करीब 3 बजे तक पुलिस की टीम पेट्रोलिंग कर भीड़ को भगाने में जुटी रही।

छावनी बना सिटी कोतवाली चौक, पुलिस बल तैनात

इस घटना के बाद मसानगंज और खपरगंज इलाके में तनाव को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। सिटी कोतवाली चौक के आसपास बैरिकेडिंग कर पुलिस बल तैनात किया गया है। सुबह 5 बजे तक पुलिस लगातार इलाके में गश्त कर रही है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करती रही।

कलेक्टर-एसएसपी बोले-दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि व्यक्तिगत विवाद के बाद दो पक्षों में तनाव की स्थिति बनी। दोनों पक्षों से पथराव हुआ है। इसमें कुछ लोगों को चोटें आई हैं। 400 से अधिक पुलिस के जवान मौजूद हैं। पड़ोस के जिलों से भी बल बुला लिया गया है। स्थिति नियंत्रण में है। जो भी दोषी हैं, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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