नई दिल्ली। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन बुलाया गया है। यह विरोध NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के छात्रों से जुड़े उस आदेश को लेकर है जिसे काउंसिल ने अब वापस ले लिया है। ऑल इंडिया यंग एडवोकेट्स एसोसिएशन (AIYAA) यह प्रदर्शन करने जा रही है।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने भी वकीलों को इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बुलाया है। एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए दिपके ने लिखा, “मनन, बस हो गया भाई! सभी लीगल कॉकरोच को इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होना चाहिए।” सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने एक्स पर कहा कि लीगल कॉकरोच एकजुट होकर मिश्रा के खिलाफ विरोध करेंगे और उनके इस्तीफे की मांग करेंगे।
‘जवाबदेही की मांग करना हमारी जिम्मेदारी’
दास ने लिखा, “यह विरोध प्रदर्शन ऑल इंडिया यंग एडवोकेट्स एसोसिएशन ने बुलाया है। मैं किसी भी तरह के शांतिपूर्ण विरोध का समर्थन करता हूं जो जवाबदेही की मांग करता हो और पद पर रहते हुए आचरण के ऊंचे मानक तय करता हो।”
सीजेपी की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह ने भी इस विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा, “कल लीगल कॉकरोच एकजुट होकर बीसीआई चेयरमैन से जवाबदेही की मांग करेंगे।” सिंह ने एक्स पर लिखा, “लोकतंत्र में हर तरह का शांतिपूर्ण विरोध जायज है और उसका स्वागत है। वकीलों के समुदाय को यह समझना चाहिए कि हर आवाज मायने रखती है और जवाब व जवाबदेही की मांग करना न केवल हमारा अधिकार है, बल्कि हमारी जिम्मेदारी भी है।”
क्यों की जा रही विरोध प्रदर्शन की मांग
यह विरोध प्रदर्शन तब हो रहा है जब कुछ दिन पहले ही मिश्रा ने NALSAR के ग्रेजुएट होने वाले छात्रों से जुड़े एक विवादित बीसीआई आदेश को लेकर लॉ के छात्रों से माफी मांगी थी। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जारी एक बयान में मिश्रा ने कहा कि अगर उनकी किसी बात या बातचीत से छात्रों की भावनाएं आहत हुई हैं तो उन्हें खेद है।
मिश्रा ने कहा था, “अगर मौजूदा विवाद से जुड़ी किसी भी चीज, मेरी किसी बात या चिट्ठी से हमारे लॉ के छात्रों की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं इसके लिए ईमानदारी से खेद जताता हूं और माफी मांगता हूं।”




