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‘मुरासु’ तेजी से बढ़ रहा आंध्रप्रदेश की ओर, रात ढाई बजे से सुबह चार बजे के बीच करेगा तट पार; 19 फ्लाइट्स कैंसिल; पुरी-चेन्नई समेत कई जगहों में भारी बारिश

नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में समुद्री सतह का तापमान बढ़कर 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इसके चलते पहले अर्णब तूफान आया और अब मुरासु। एक हफ्ते के भीतर यह दूसरा तूफान है, जिसने प्रचंड होकर मौसम का मिजाज बिगाड़ दिया है।

ओडिशा के पुरी जिले में चक्रवात के कारण भारी बारिश हो रही है। - Dainik Bhaskar
ओडिशा के पुरी जिले में चक्रवात के कारण भारी बारिश हो रही है।

गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील मुरासु तेजी से आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है। यह सोमवार की रात ढाई बजे से मंगलवार की सुबह चार बजे के बीच आंध्र प्रदेश में तट को पार कर सकता है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है।

तूफान का प्रभाव पूर्वी तट से आगे बढ़कर मध्य भारत के कुछ हिस्सों तक पहुंचेगा। मध्य प्रदेश के दक्षिणी इलाकों में भी बारिश बढ़ सकती है।

मुरासु का प्रभाव अर्णब से थोड़ा भिन्न होगा। तूफान कमजोर पड़ने के बाद भी अगले कुछ दिनों तक देश के बड़े हिस्से को प्रभावित करता रहेगा। पूर्वी भारत से लेकर मध्य भारत और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों तक बादलों की आवाजाही और बारिश की स्थिति बनी रह सकती है। हालांकि उत्तर भारत में तूफान का सीधा असर नहीं होगा।

दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। मुरासु तूफान के दौरान हवा की गति अर्णब की तुलना में थोड़ा कम है, लेकिन इसका असर पूरे देश पर पड़ेगा। सबसे गंभीर असर आंध्र प्रदेश और उत्तरी तमिलनाडु में होगा। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और रायलसीमा में भारी से बेहद भारी बारिश का अनुमान है।

आंध्र प्रदेश के नेल्लोर के मयपाडु बीच पर समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं। - Dainik Bhaskar
आंध्र प्रदेश के नेल्लोर के मयपाडु बीच पर समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं।

आंध्र प्रदेश के अलावा तमिलनाडु और तेलंगाना में भी तेज हवा के साथ भारी बारिश होगी। हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी तीन नवंबर से अगले दो दिनों तक भारी बारिश की आशंका है। कर्नाटक और केरल के कुछ हिस्सों में भी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

 

गिरेगा उत्तर भारत का तापमान
तमिलनाडु के पझावेर्काडु में समुद्र में करीब 6 फीट ऊंची लहरें उठ रही हैं। - Dainik Bhaskar
तमिलनाडु के पझावेर्काडु में समुद्र में करीब 6 फीट ऊंची लहरें उठ रही हैं।

पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ के चलते जम्मू-कश्मीर में बारिश और बर्फबारी हो सकती है। हालांकि इस दौरान दिल्ली समेत हिमाचल, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड का मौसम शुष्क रहेगा। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के अधिकतर क्षेत्र शुष्क बने रहेंगे। दिन में तेज धूप रहेगी। सुबह और रात के तापमान में हल्की गिरावट होगी, जिससे सर्दी की शुरुआत हो सकती है।

आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु में चक्रवात का असर शुरू हो गया है। आंध्र के नेल्लोर के मयपाडु बीच पर समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं और तेज हवाएं चल रही हैं।

आंध्रप्रदेश के तीन एयरपोर्ट पर 19 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। पांच राज्यों में NDRF की 37 टीमें तैनात की गई हैं, जिनमें से 13 टीमें आंध्र प्रदेश में हैं। तमिलनाडु के चेन्नई, चेंगलपट्टू और तिरुवल्लूर में रविवार रात से बारिश हो रही है। चेन्नई में स्कूल बंद कर दिए गए हैं।

आंध्र प्रदेश: 90 जवानों की 3 NDRF टीमें तैनात

चक्रवात से निपटने के लिए NDRF की चौथी बटालियन की तीन टीमें तमिलनाडु के रणिपेट जिले में अरक्कोनम के पास नागरिककुप्पम से रवाना की गई हैं। इन टीमों में 90 जवान शामिल हैं।

इन्हें आंध्र प्रदेश के नेल्लोर, प्रकाशम और मार्कापुरम में राहत और बचाव कार्यों के लिए तैनात किया गया है। चक्रवात का सबसे ज्यादा असर बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जिलों में पड़ने की आशंका है।

तमिलनाडु: 24 घंटे में चेन्नई में 11 सेमी बारिश

चेन्नई में पिछले 24 घंटे के दौरान माधवरम में सबसे ज्यादा 11 सेमी बारिश दर्ज की गई। एन्नोर पोर्ट और नुंगमबक्कम में 10-10 सेमी बारिश हुई। शहर के 22 सबवे में से दो में पानी भर गया।

चेन्नई नगर निगम ने जलभराव से निपटने के लिए पंप और फील्ड टीमों को तैनात किया है। तिरुवल्लूर के पझावेर्काडु में समुद्र में करीब 6 फीट ऊंची लहरें उठ रही हैं।

ओडिशा: पुरी में भारी बारिश, रायगढ़ा में रेस्क्यू टीमें अलर्ट

ओडिशा के पुरी जिले में चक्रवात का असर शुरू हो गया है। सोमवार सुबह से भारी बारिश हो रही है। समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं। रायगढ़ा जिले में प्रशासन ने सभी 11 फायर स्टेशन की टीमों को अलर्ट पर रखा है।

NDRF, ODRAF और ओडिशा फायर सर्विस के 300 से ज्यादा बचाव दल तैनात किए गए हैं। मौसम विभाग ने गंजाम और गजपति में भारी बारिश, बिजली चमकने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान जताया है।

चक्रवात के नाम का मतलब ‘युद्ध का नगाड़ा’

चक्रवात मुरासु का नाम भारत ने दिया है। तमिल भाषा में मुरासु का अर्थ ‘युद्ध का नगाड़ा’ होता है। मुरासु ने 1 नवंबर को बंगाल की खाड़ी में चक्रवात का रूप लिया था। 24 घंटे के भीतर यह गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया।

देश में एक हफ्ते के भीतर बंगाल की खाड़ी में यह दूसरा चक्रवात है। इससे पहले 28 अक्टूबर को चक्रवात ‘अर्नब’ आया था। लगातार दो चक्रवातों के बनने से इस दौरान बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास के तटीय इलाकों में मौसम प्रभावित हुआ है।

 

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