सप्ताह में दो दिन छुट्टी की मांग को लेकर यूनाइटेड फ़ोरम ऑफ़ बैंक यूनियन्स (यूएफ़बीयू) की ओर से 11 सितंबर को हड़ताल का आह्वान किया गया है.
इससे साथ ही यूएफ़बीयू ने कहा है कि उसने 28, 29 और 30 सितंबर को भी हड़ताल का आह्वान किया है. यूएफ़बीयू ने 26 अक्तूबर से अनिश्चिकाल के लिए हड़ताल की चेतावनी दी है.
यूएफ़बीयू ने बैंक कर्मचारियों के लिए सप्ताह में 5 दिन काम करने की मांग रखी है.
यूएफ़बीयू ने एक बयान में कहा, “कई वर्षों से बैंक सोमवार से शुक्रवार तक पूरे दिन और हर शनिवार को आधे दिन काम कर रहे थे. मई 2015 में हुए समझौते में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और बैंक प्रबंधन इस बात पर सहमत हुए थे कि शुरुआत में हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक अवकाश घोषित किया जाएगा और इसके बदले बाक़ी शनिवार को पूरे दिन काम होगा.”
यूएफ़बीयू का दावा है कि यह आश्वासन भी दिया गया था कि आगे चलकर सभी शनिवार को अवकाश घोषित करने की कोशिश की जाएगी.
यूएफ़बीयू के मुताबिक़, “मार्च 2024 में हुए समझौते में आईबीए और बैंक प्रबंधन इस बात पर सहमत हुए कि शनिवार को अवकाश घोषित किया जाएगा. समझौते की मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय, भारत सरकार को सिफारिश भेजी गई है.”
यूएफ़बीयू का आरोप है कि ढाई साल से अधिक समय गुज़रने के बाद भी यह मुद्दा वित्त मंत्रालय के पास लंबित है.
यूएफ़बीयू ने आरोप लगाया है कि सरकार सप्ताह में 5 दिन बैंकिंग लागू करने पर कोई प्रतिबद्धता नहीं दे सकी, इसलिए यूनियनों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा है.
उसका कहना है कि इस हड़ताल के कारण सभी बैंक शाखाएं बंद रहेंगी और हड़ताल के दिन कोई बैंकिंग सेवा उपलब्ध नहीं होगी.
यूनाइटेड फ़ोरम ऑफ़ बैंक यूनियन्स (यूएफ़बीयू) 7 यूनियनों का साझा मंच संगठन है.
यूएफ़बीयू के मुताबिक़ वह सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, निजी क्षेत्र के बैंकों, विदेशी बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सहकारी बैंकों में बैंकिंग क्षेत्र के 90% से अधिक कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है.




