नई दिल्ली| गुरुवार शाम 6.30 बजे के आसपास सोने और चांदी की कीमतों में अचानक भारी गिरावट देखने को मिली। यह गिरावट ग्लोबल मार्केट से लेकर घरेलू बाजार तक में दर्ज हुई। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका से आने वाले अहम महंगाई के आंकड़ों से पहले निवेशकों में हड़कंप मच गया।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोना 2364 रुपए टूट गया, जिसके बाद अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना 1,51,400 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जो इसका लो लेवल भी रहा। ट्रेडिंग के दौरान सोने का ऊपरी स्तर 1,54,450 रुपए दर्ज हुआ। जबकि पिछला क्लोजिंग प्राइस 1,53,763 रुपए था।
दूसरी ओर, चांदी में तो इससे भी बड़ा क्रैश देखा गया। चांदी 4 फीसदी से ज्यादा टूटी और कीमत 10,632 रुपए गिरकर 2,33,581 रुपए प्रति (silver price today) किलोग्राम पर आ गई। यह इसका दिनभर का लो लेवल भी रहा। कारोबार के दौरान चांदी का हाई लेवल 2,44,300 रुपए (silver rate today) रहा, जबकि पिछले दिन यह 2,44,213 रुपए पर बंद हुई थी।
क्यों धड़ाम हुए सोना और चांदी?
इस भारी गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं। आरमनी की सीनियर रिसर्च मैनेजर मौमिता सामंता ने बताया कि,
बाजार में महंगाई के नए आंकड़े आने वाले हैं, और साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध लगातार भीषण होता जा रहा है। इस तनाव की वजह से क्रूड ऑयल की कीमतें 103 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल चुकी हैं। तेल के महंगे होने से मार्केट में एक बार फिर महंगाई बढ़ने का डर लौट आया है, ठीक वैसा ही माहौल बन गया है जैसा युद्ध की शुरुआत में देखा गया था। उस समय भी लाइफटाइम हाई से सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट आई थी।”
बुलियन मार्केट पर बढ़ सकता है दबाव
कोटक सिक्योरिटीज की AVP कमोडिटी रिसर्च, कायनात चैनवाला ने बताया कि निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी फैसलों को लेकर बेहद सतर्क हो गए हैं। गुरुवार को सोने की कीमत 4,400 डॉलर और चांदी 66.5 डॉलर से नीचे फिसल गई।
आज आने वाले प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) और शुक्रवार को आने वाली कंज्यूमर प्राइस रिपोर्ट (CPI) पर सबकी नजरें टिकी हैं। चूंकि अभी ब्याज दरें बढ़ने की संभावना करीब 60 प्रतिशत है, इसलिए मजबूत आंकड़े आने पर बुलियन मार्केट पर दबाव और बढ़ सकता है।”
हालांकि ट्रेजरी यील्ड में उतार-चढ़ाव और डॉलर की चाल भी इस समय सोने-चांदी की दिशा तय कर रही है, जिससे फिलहाल कीमतों में भारी दबाव बना हुआ है।




