छत्तीसगढ़

पंजाब में टूटे पराली जलाने के सभी रिकॉर्ड, मंत्री बोले- AAP ने दिल्ली को गैस चैंबर बनाया

नईदिल्ली I पंजाब में बड़े स्तर पर पराली जलाने की घटनाएं सामने आ रही है. इस वजह से राजधानी दिल्ली और आसपास के राज्य प्रदूषण की गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं. आने वाले दिनों में राजधानी में प्रदूषण संकट और गहरा सकता है. पंजाब में इस सीजन में पराली जलाने के सभी रिकॉर्ड टूट गए हैं. एक ही दिन में पराली जलाने के मामलों में भारी बढ़ोतरी देखी गई है. राज्य में बुधवार को पराली जलाने के 3,634 मामले दर्ज किए गए हैं. इसके साथ ही राज्य में पराली जलाने के मामले 21,000 के पार पहुंच गए. इसके मुकाबले हरियाणा और अन्य राज्यों में कम पराली जलाई जा रही है.

कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट इन नेशनल कैपिटल रीजन एंड एडजॉइनिंग एरियाज द्वारा जारी एक नोटिफिकेश के मुताबिक पंजाब में इस सीजन में अबतक पराली जलाने के 21,480 मामले सामने आए हैं. इसके मुकाबले हरियाणा में अबतक (2 नवंबर तक) कुल 2,249 मामले देखे गए हैं. हरियाणा में पिछले 24 घंटे में 166 मामले दर्ज किए गए. वहीं उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 25 मामलों के साथ कुल 802, मध्य प्रदेश में 284 मामलों के बाद कुल 1,256 और राजस्थान में 63 मामलों के साथ कुल 408 घटनाएं दर्ज की गई है.

‘दिल्ली को बनाया गैस चैम्बर’

पंजाब में पराली जलाने के मामले बढ़ने के बाद केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने हरियाणा का बचाव किया है. उन्होंने एक मैप साझा करते हुए ट्विटर पर लिखा, “आप सरकार द्वारा संचालित राज्य पंजाब में आज पराली जलाने के मामले 19% बढ़े हैं, जबकि हरियाणा में पराली जलाने के मामले में 30% की कमी आई है. सिर्फ आज, पंजाब में 3,634 मामले दर्ज किए गए. अब कोई शक नहीं है कि किसने दिल्ली को गैस चैंबर बनाया हुआ है.”

पंजाब में पिछले पांच दिनों में 9000 से ज्यादा मामले

हैरानी की बात ये है कि पंजाब सरकार के लगातार पराली जलाने के मामलों को कम करने की दिशा में कदम उठाने के दावों के बावजूद राज्य में यह मामले कम नहीं हो रहे हैं. राज्य में पिछले पांच दिनों में ही पराली जलाने के 9,699 मामले दर्ज किए गए हैं. 1 नवंबर को 1842, 31 अक्टूबर को 2131, 30 अक्टूबर को 1761, 29 अक्टूबर को 1898 और 28 अक्टूबर को 2067 मामले दर्ज किए गए थे. इसके मुकाबले हरियाणा में सिर्फ 505 मामले दर्ज किए गए और इसमें पिछले 24 घंटे के आंकड़े शामिल नहीं हैं.

दिल्ली में प्रदूषण का हाल

चिंता की बात ये है कि पराली जलाने के मामलों का सीधा असर दिल्ली की हवा पर पड़ता है. ठंड गिरने के साथ ही दिल्ली में प्रदूषण की समस्या गहराने लगती है. वहीं आसपास के राज्यों में पराली जलाने से राजधानी में स्वास्थ्य संकट पैदा हो जाता है. सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मुताबिक दिल्ली में एयर क्वालिटी बेहद गंभीर स्थिति में दर्ज की गई है. सीपीसीबी के मुताबिक दिल्ली के नेहरू प्लेस इलाके में एक्यूआई 411 दर्ज किया गया है जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है. इनके अलावा आनंद विहार में एक्यूआई 427, जेएलएन स्टेडियम में 381, लोधी गार्डन में 341, आईटीओ में 390 और आरके पुरम में एक्यूआई 379 दर्ज किया गया है.