छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ : ईंट भट्ठे के ऊपर सो रहे तीन ग्रामीणों की मौत, धुआं से दम घुटने का संदेह

अंबिकापुर । बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत कोटपाली के आश्रित ग्राम खजूरी में दुखद हादसा हो गया। यहां छोटे ईंट भट्ठे में आग लगाकर उसी के उपर सो रहे तीन लोगों की मौत हो गई।सभी ने कंबल ओढ़ रखा था।अत्यधिक गर्मी और गैस रिसाव के कारण मौत की संभावना जताई जा रही है।बलरामपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुशील नायक के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई है।जांच के बाद ही मामला पूरी तरह स्पष्ट होगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में इस सीजन में लोगों द्वारा स्वयं के उपयोग के लिए ईंट,खप्पर बनाने जाने की परपंरा पुरानी है।बलरामपुर जिले में तो कच्चे ईंट,खप्पर को लकड़ी से पकाया जाता है। बताया जा रहा है कि गणेश मोड़ पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्राम खजूरी में भी ग्रामीणों ने कच्चा ईंट तैयार किया था। इसे पकाने के लिए व्यवस्थित तरीके से एक स्थान पर सभी को जमाकर रखा गया था। रविवार को लकड़ियों के माध्यम से पकाने की व्यवस्था भी कर ली गई थी। उसमें दोपहर बाद आग लगा दी गई थी। इसी छोटे ईंट भट्ठे के ऊपर रविवार की रात चार लोग सो रहे थे।सभी ने कंबल भी ओढ़ रखा था। भोर में तीन बजे अजय नामक युवक की तेज गर्मी के कारण नींद खुल गई थी।संतुलन बिगड़ने से वह कम ऊंचाई के भट्ठे से नीचे भी उतर गया था।इधर सुबह जब भट्ठे के ऊपर सो रहे लोगों की नींद नहीं खुली तो संदेह हुआ। अजय ने आवाज भी लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला,ऐसे में उसने गांव वालों को सूचना दी। गांव वाले मौके पर पहुंचे तो देखा कि तीनों युवक ने कंबल ओढ़ रखा था, लेकिन शरीर में कोई हलचल नहीं थी। कंबल हटा कर देखने पर पता चला कि तीनों की मौत हो चुकी है।

घटना की खबर लगते ही बड़ी संख्या में गांव वाले मौके पर पहुंच गए। तीनों को भट्टे से नीचे उतारा गया। मृतकों में राजदेव (28) ग्राम खजुरी ,बनवा राम(40) ग्राम खजुरी ग्राम पंचायत कोटपाली तथा छोटू कुमार (20) ग्राम असोला शामिल है।इनके स्वजन भी घटनास्थल पहुंच गए है।बलरामपुर से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुशील नायक के नेतृत्व में पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची। अभी तक मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। प्रारंभिक रूप से घटनास्थल के निरीक्षण के बाद जो बातें निकल कर सामने आ रही है उसके मुताबिक कंबल ओढ़ कर सोने के कारण भट्ठे से निकला धुआं इसका कारण बना होगा। शुद्ध आक्सीजन नहीं मिलने और धुएं के कारण दम घुटने से उनकी मौत हुई होगी। पुलिस अभी भी घटनास्थल पर मौजूद है। घटना के सभी तथ्यों की बारीकी से जांच चल रही है शाम तक कुछ और नई जानकारियां निकल कर सामने आ सकती हैं। गणेश मोड़ पुलिस चौकी प्रभारी सतीश सोनवानी का कहना है कि भट्टे के ऊपर सोने से तेज गर्मी और धुआं मौत का कारण बना होगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी।

मृतकों में जीजा- साला शामिल

बलरामपुर थाना क्षेत्र के ग्राम खजूरी कोटपाली के टुहलु पाथर में बनवा चेरवा ने ईंट बनाने भट्ठे का निर्माण किया था। स्वयं के उपयोग के लिए ईंट बनाने की बात सामने आ रही है। रविवार को ईट भट्ठे के नीचे आग जलाकर भट्ठे के ऊपर अपने रिश्तेदार राजदेव चेरवा व अंबिकापुर के ग्राम असोला से आए साले 20 छोटू के साथ सो रहे थे।मृतकों में जीजा-साला शामिल है। तीसरा भी उनका नजदीकी रिश्तेदार है।