छत्तीसगढ़

जांजगीर: घूम-घूम करते थे चोरी, पुलिस ने गिरोह के छह को पकड़ा, बरामद सामान देख अधिकारियों के उड़े होश

जांजगीर चाम्पा : जांजगीर चाम्पा पुलिस ने अंतर जिला चोर गैंग को पकड़ने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक आरोपी को पिसौद गांव में शराब दुकान से हिरासत में लिया। जिसके पास से बिलासपुर में हुई चोरी का सामान बरामद किया। आरोपी की निशानदेही पर कोरबा से अन्य 5 आरोपियों और चोरी के सामान खरीदने वाले दो ज्वेलर्स को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से 14 लाख से अधिक सोना-चांदी के जेवर और 4 लाख रूपये नगद बरामद किया है। सभी आरोपी कोरबा जिला के रहने वाले है, और जांजगीर चाम्पा, सक्ती, रायगढ़, बिलासपुर मे चोरी की घटना को अंजाम दिया करते थे।

जांजगीर चांपा जिले में लगातार हो रही चोरी की वारदात से पुलिस की नींद उड़ गई थी। एक के बाद एक थाना क्षेत्रों में हो रहे चोरी की घटना के खुलासा के लिए पुलिस अधीक्षक ने डीएसपी की अगुवाई में टीम गठत की थी। पुलिस टीम ने पिसौद के देशी शराब दुकान के पास एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा और उससे पूछताछ और तलाशी की जिसमें आरोपी के पास बिलासपुर से चोरी हुए कांस के बर्तन बरामद किया और आरोपी ने जांजगीर चाम्पा जिला के 24 स्थानों में अपने गिरोह के साथ चोरी करना स्वीकार किया।

पुलिस के आरोपी की निशानदेही पर कोरबा से अन्य पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनसे चोरी के सामान के बार में पूछताछ की। पुलिस ने कुछ आभूषण आरोपियों के परिजनों और अन्य सामान कोरबा के हरिश कुमार सोनी और दर्री के वास्तव प्रसाद सोनी से बरामद किया। आरोपियों को ज्वेलर्स ने पेमेंट पेटीएम से पैसा ट्रांसफर किया था। पुलिस ने आरोपियों के पास सात मोबाइल और चोरी की घटना को अंजाम देने के लिए उपयोग की जा रही बाइक भी बरामद की है।

पुलिस ने आरोपियों से 185 ग्राम सोने के जेवर जिसकी कीमत 10 लाख रूपये और चांदी के जेवर जिसकी कीमत 3 लाख 80 हजार रूपये के साथ 3 स्पीड बाइक, कांस के बर्तन, 4 लाख 13 हजार रूपये नगद और 6 मोबाईल के साथ ताला तोड़ने के औजार के साथ एयर पिस्टल भी बरामद की है। पुलिस ने आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपियों का मुख्य सरगना पहले भी बाईक चोरी के मामले में पकड़ा गया है, जांजगीर पुलिस अब आरोपियों के फिंगर प्रिंट लेकर ऑटो मैडेड सिस्टम में लगी और डिजिटलाइजेशन और क्लॉफिकेशन कर अपलोड करेगी। ताकि, आरोपी भविष्य में भी कहीं चोरी या अन्य अपराध में शामिल रहेंगे तो फिंगर प्रिंट से इनकी पहचान हो सकेगी।