छत्तीसगढ़

Javed Akhtar: उर्दू भाषा को लेकर जावेद अख्तर की खरी-खरी, बोले, ये भारत की भाषा, पाकिस्तान तो…

नईदिल्ली : दिग्गज लिरिक्स और स्क्रिप्ट राइटर जावेद अख्तर और उनकी पत्नी शबाना आजमी ने हाल ही में एक उर्दू एल्बम ‘शायराना – सरताज’ लॉन्च किया। इस इवेंट में जावेद अख्तर ने उर्दू भाषा के महत्व के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि उर्दू हिंदुस्तान की भाषा है। जो ये मानते हैं कि उर्दू का संबंध पाकिस्तान से है तो वो गलत सोचते हैं। पाकिस्तान भी बंटवारे के बाद ही निकला है। जावेद अख्तर का मानना है किसी भी भाषा का किसी विशेष धर्म से कोई संबंध नहीं होता।

उर्दू हिंदुस्तान की भाषा है…
जावेद अख्तर ने इस इवेंट में कहा, ‘उर्दू किसी और जगह से नहीं आई है। ये हमारी हिंदुस्तान की भाषा है। ये हिंदुस्तान के बाहर नहीं बोली जाती। ये पाकिस्तान या इजिप्ट की भाषा नहीं है। पाकिस्तान का भी पहले कोई वजूद नहीं था। वो भी हिंदुस्तान से ही निकला है।’ जावेद अख्तर के मुताबिक, उर्दू के विकास में पंजाब का बहुत बड़ा रोल है।

उर्दू को अहमियत देने की जरुरत
जावेद अख्तर अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहते है, ‘पंजाब का उर्दू में बहुत बड़ा योगदान रहा है और यह भारत की भाषा है। लेकिन आपने इस भाषा को छोड़ क्यों दिया? पार्टीशन की वजह से? पकिस्तान की वजह से? उर्दू को अटेंशन की जरूरत है। पहले शिर्फ़ हिन्दुस्तान हुआ करता था- पकिस्तान बाद में हिन्दुस्तान से अलग होकर बना’।

पाकिस्तान को सुनाई खरी-खरी 
जावेद अख्तर पाकिस्तान के लाहौर में 17 से 19 फरवरी के बीच ‘फैज फेस्टिवल’ में पहुंचे थे। वहां उर्दू शायर फैज अहमद फैज की याद में एक कार्यक्रम किया गया था। इस दौरान एंकर ने जावेद अख्तर से कहा कि पाकिस्तान बड़ा फ्रेंडली, लविंग और पॉजिटिव मुल्क है। हम बम नहीं मारते, फूल भी पहनाते हैं और प्यार भी करते हैं। इस बारे में उनके क्या ख्याल हैं।

जावेद अख्तर ने इस पर कहा था, ‘हम तो बंबई के लोग हैं, हमने देखा हमारे शहर पर कैसे हमला हुआ था। वो लोग (आतंकी) नॉर्वे से तो नहीं आए थे, ना इजिप्ट से आए थे। वो लोग अभी भी आपके मुल्क में घूम रहे हैं। तो ये शिकायत अगर हर हिंदुस्तानी के दिल में है तो, आपको बुरा नहीं मानना चाहिए।’

इस क्रम ने जावेद अख्तर से पाकिस्तान के बनने पर भी सवाल किया गया था। जवाब में उन्होंने कहा, ‘कोई भी धर्म एक देश नहीं बनाता, अगर ऐसा होता तो पूरा मिडिल ईस्ट मिलाकर एक देश होता साथ ही पूरा यूरोप भी एक ही देश के अंतर्गत आ जाता। पाकिस्तान का बनना एक गलती है, लेकिन अब इसे बदल नहीं सकते।