छत्तीसगढ़

संसद सिर्फ भवन नहीं लोकतंत्र का मंदिर, बहिष्कार से गिरेगा मान, विपक्षी दलों के विरोध पर बोले बाबा रामदेव

नई दिल्ली। नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह को लेकर सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है। 20 से ज्यादा विपक्षी दलों ने नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह के बहिष्कार का एलान किया है। इस बीच योग गुरु बाबा रामदेव ने इस मामले में बयान दिया है।

बाबा रामदवे ने की फैसले पर पुनर्विचार की अपील

बाबा रामदेव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी नए संसद भवन का उद्घाटन करेंगे जोकि ऐतिहासिक है। जो लोग कल संसद का घेराव करने वाले हैं, उन्हें इस पर पुनर्विचार करना चाहिए और जिन विपक्षी दलों ने उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने का फैसला किया है, उन्हें अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।

संसद सिर्फ भवन नहीं लोकतंत्र का मंदिर- बाबा रामदेव

बाबा रामदेव ने आगे कहा कि संसद सिर्फ भवन नहीं लोकतंत्र का मंदिर है। अगर इसका बहिष्कार होगा तो उससे लोकतंत्र का मान गिरेगा। उन्होंने कहा कि जिन बलिदानियों की शहादत से हमें आजादी मिली है, उनके सम्मान का केंद्र संसद है। संसद का बहिष्कार और घेराव करना उन बलिदानियों का अपमान होगा।

संसद भवन की ओर कूच न करें पहलवान- रामदेव

इसके साथ ही बाबा रामदेव ने पहलवानों से भी अपील की। बाबा रामदेव ने कहा कि मुझे विश्वास है कि हमारे पहलवान इस बात को समझेंगे और कल संसद की ओर नहीं कूच करेंगे।