छत्तीसगढ़

ये देश आगे बढ़ चुका है दामादों से…, मेनका गाँधी ने वाड्रा और राहुल पर कसा तंज

नईदिल्ली : यूपी की सुल्तानपुर से बीजेपी उम्मीदवार और मौजूदा सांसद मेनका गांधी ने गांधी परिवार के सदस्यों की राजनीति पर खुलकर बात की है। उन्होंने राहुल गांधी को राजनीति से ब्रेक लेने की चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर की सलाह पर भी सहमति जताई है। साथ ही रॉबर्ट वाड्रा के सियासी मंसूबे पर भी अपनी राय सामने रख दी है।

दरअसल बीजेपी ने पीलीभीत से पार्टी सांसद और मेनका गांधी के बेटे वरुण गांधी का टिकट इस बार काट दिया है। लिहाजा जब उनसे इस मसले पर बात की गई तो उन्होंने इसे पार्टी का निर्णय बताकर अपने जज्बात को नियंत्रण में कोशिश जरूर की। लेकिन, वाड्रा और राहुल के राजनीतिक मंसूबों पर दो टूक अपनी राय सामने रख दी।

वरुण गांधी को इस बार पीलीभीत से टिकट नहीं दिए जाने को लेकर उन्होंने कहा, ‘इतना मुझे मालूम है कि पीलीभीत मायूस सी हो गई…क्या बोल सकती हूं मैं…पार्टी ने जो निर्णय लिया मैं उसपर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती….’। हालांकि, उन्हें अपने बेटे की राजनीतिक समझ को लेकर पक्का यकीन है। भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘मुझे इतना मालूम है कि वरुण पर मुझे बहुत गर्व है…मुझे मालूम है कि जो भी करेगा देश के लिए अच्छा करेगा…इसीलिए मुझे इससे (टिकट कटने से) कोई परेशानी नहीं है।’

रिपोर्टर ने उनसे वरुण गांधी के अमेठी लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने की अटकलों को लेकर भी सवाल किया, जिसे उन्होंने पूरी तरह से खारिज कर दिया। लेकिन, जब यही सवाल उनकी जेठानी सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वे ‘अच्छे उम्मीदवार नहीं’ होंगे। मेनका ने इसकी वजह बताई कि ‘उन्हें राजनीति का कोई अनुभव नहीं है। ये देश आगे बढ़ चुका है दामादों से..’।

वहीं मेनका गांधी ने राहुल गांधी को लेकर हाल में प्रशांत किशोर की सलाह पर सहमति जताई है। चुनावी रणनीतिकार ने कहा था कि 10 साल से राहुल सफल नहीं हो रहे हैं तो उन्हें ब्रेक लेकर किसी और को मौका देना चाहिए। इसपर वो बोलीं, ‘मुझे लगता है कि हर पार्टी में या तो एक बड़ा लीडर हो या एक बड़ा आइडिया हो। अब जब दोनों नहीं है तो पार्टी आगे कैसे बढ़ेगी।’

उन्होंने आगे कहा ‘या तो एक बहुत बड़ा आइडिया जेनरेट करे तो पार्टी खड़ी हो जाती है… या तो एक बहुत बड़ा नेता अपने आपको बनाए, दोनों मुश्किल है।’ उन्होंने कहा कि वो राहुल को कोई सलाह नहीं देंगी, क्योंकि सलाह उन लोगों को दी जाती है, जो सुनें। उन्होंने प्रियंका गांधी वाड्रा के रायबरेली से चुनाव लड़ने की अटकलों पर कहा कि परिवार का प्रभाव तो किसी न किसी रूप में रहता ही है, लेकिन सोनिया पर कोई भी टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया।