छत्तीसगढ़

महात्मा गांधी की विरासत को हथियाना है आसान, लेकिन उनके पदचिह्नों पर चलना मुश्किल: राहुल गांधी

नईदिल्ली I कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को महात्मा गांधी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी और कहा कि सत्ता में बैठे लोगों के लिए महात्मा गांधी की विरासत को हथियाना आसान है, लेकिन उनके पदचिह्नों पर चलना मुश्किल है. राहुल ने यहां एक खादी ग्रामोद्योग केंद्र का दौरा करने के बाद कहा कि महात्मा गांधी की हत्या करने वाली विचारधारा ने पिछले आठ वर्षों में असमानता, विभाजन और कड़ी मेहनत से हासिल की गई आजादी का क्षरण किया है. उल्लेखनीय है कि महात्मा गांधी ने 1927 और 1932 में इस केंद्र का दौरा किया था.

इस दौरान राहुल गांधी एक प्रार्थना सभा में भी शामिल हुए और खादी ग्रामोद्योग केंद्र में महिला बुनकरों से बातचीत की. बाद में वह मैसूर के समीप बदनवालु गांव गए और उन्होंने श्रमदान करने के अलावा ग्रामीणों से बातचीत की. उन्होंने गांव के बच्चों के साथ तिरंगा (राष्ट्रीय ध्वज) में रंग भी भरा. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने एक बयान में कहा, हम भारत के महान सपूत को याद करते हैं तथा उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं. हमारे इस स्मरण ने इस बात को और मर्मस्पर्शी बना दिया है कि हम भारत जोड़ो यात्रा के 25वें दिन में यात्रा पर हैं. ऐसी पदयात्रा जिसमें हम उनके अहिंसा, एकजुटता, समानता और न्याय के पथ पर चल रहे हैं.

गांधी जी ने ब्रिटिश राज से लड़ाई लड़ी

उन्होंने कहा, जिस तरह से गांधी जी ने ब्रिटिश राज से लड़ाई लड़ी, वैसे ही हमने गांधी की हत्या करने वाली विचारधारा से लड़ने की शुरुआत की है. इस विचारधारा ने पिछले आठ वर्ष में असमानता, विभाजन और कड़ी मेहनत से हासिल की गयी आजादी का क्षरण किया है. हिंसा तथा असत्य की इस राजनीति के खिलाफ, भारत जोड़ो यात्रा कन्याकुमारी से कश्मीर तक अहिंसा और स्वराज के संदेश को फैलाएगी. उन्होंने कहा कि स्वराज के विभिन्न मायने हैं. उन्होंने कहा, यह हमारे राज्यों की अपनी संवैधानिक स्वतंत्रता तथा हमारे गांवों को पंचायती राज व्यवस्था के तहत कार्य करने की स्वतंत्रता है.

राहुल गांधी 3,600 किलोमीटर की पदयात्रा कर चुके हैं

राहुल गांधी ने कहा कि यह खुद की भी विजय है चाहे वह भारत यात्री हो, जो 3,600 किलोमीटर की पदयात्रा कर रहे हैं या लाखों नागरिक हो जो कम समय के लिए हमारे साथ चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की यात्रा भय, घृणा और विभाजन की राजनीति के खिलाफ भारतीय लोगों की शांत और दृढ़ आवाज है. उन्होंने कहा, सत्ता में बैठे लोगों के लिए गांधी जी की विरासत को हथियाना आसान है लेकिन उनके पदचिह्नों पर चलना कहीं ज्यादा मुश्किल है.

राहुल गांधी 30 सितंबर को कर्नाटक के गुंडलुपेट पहुंचे थे

वायनाड (केरल) के सांसद ने कहा कि अभी तक बड़ी संख्या में पुरुषों, महिलाओं तथा बच्चों ने भारत जोड़ो यात्रा में भाग लिया है और उनमें से कई का मानना है कि उनके संवैधानिक अधिकारों तथा मूल्यों पर आज खतरा है, जिनके लिए महात्मा गांधी ने अपना जीवन समर्पित कर दिया था. उन्होंने कहा, हमने मैसूर से कश्मीर तक की अपनी यात्रा जारी रखी है, ऐसे में मैं भारत के अपने नागरिकों से अहिंसा और सद्भावना के भाव से हमारे साथ चलने का अनुरोध करता हूं. राहुल गांधी तमिलनाडु के गुडालुर से 30 सितंबर को कर्नाटक के गुंडलुपेट पहुंचे थे. वह अगले 21 दिन में कर्नाटक में 511 किलोमीटर की यात्रा करेंगे. यात्रा सात सितम्बर को कन्याकुमारी से शुरू हुई थी और 30 जनवरी 2023 को यह जम्मू पहुंचेगी.