छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ : अचानकमार टाइगर रिजर्व में घुसे हाथी, वनकर्मियों को नजर रखने का आदेश

बिलासपुर । मध्य प्रदेश से सात हाथियों का दल दोबारा अचानकमार टाइगर रिजर्व में घुस आया है। इसकी सूचना मिलते ही वन अफसर व कर्मचारियों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि अभी किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया है। पर यह दल पूर्व में फसल, झोपड़ी क्षतिग्रस्त कर चुके हैं। इसलिए दोबारा ऐसा कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में निगरानी जरूरी है। गांव के करीब पहुंचने पर मुनादी कराने का भी निर्देश दिए गए हैं।

अचानकमार टाइगर रिजर्व में पिछले दिनों यह दल पहुंचा था। यहां कुछ दिन ठहरने के बाद वापस मध्य प्रदेश से लौट गए। इनकी वापसी उसी रास्ते से हुई, जहां से यहां पहुंचे थे। टाइगर रिजर्व प्रबंधन मान रहा है की इस दल को टाइगर रिजर्व की आबोहवा की खूब पसंद आ रही है। यहां पानी से लेकर आहार का भरपूर इंतजाम है। जिसके कारण ही हाथी दोबारा लौट आए हैं। शनिवार रात से ही यह लोरमी व मध्य प्रदेश की सीमा पर पहुंचा। जब इसकी जानकारी ग्रामीणों द्वारा वन अमले को दी गई, तो उनकी चिंता बढ़ गई, क्योंकि एक दिन बाद दीपावली पर्व है।

ऐसी स्थिति में वह किसी तरह का नुकसान पहुंचाते हैं तो इससे पर्व की खुशियां बेकार हो जाएंगी। हालांकि टाइगर रिजर्व प्रबंधन के पास हाथियों को रोकने या खदड़ने का कोई भी उपाय नहीं है। इस पर पाबंदी भी है। इसलिए डिप्टी डायरेक्टर सत्यदेव शर्मा द्वारा वन अमले को 24 घंटे हाथियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा पल- पल की रिपोर्ट भी देंगे। शर्मा ने बताया की हाथी सात की संख्या में हैं और लोरमी बफर में देखे गए हैं।

हालांकि अभी तक दोबारा वापसी के बाद नुकसान तो नहीं पहुंचाया है, पर वह कभी भी फसल को नुकसान पहुंचा सकते हैं। कच्चे मकान भी क्षतिग्रस्त कर चुके हैं। ग्रामीणों से अपील की जा रही है की कच्चे मकान में फिलहाल न रहे, पूर्व में हाथी इसको तोड़ चुके हैं। यह खतरा हमेशा है। सबसे ज्यादा जागरूक हाथियों के नजदीक न जाने के लिए किया जा रहा है। इससे वह और आक्रामक हो जाते हैं। इससे नुकसान भी हो सकता है।