कोरबा। जिले में करैत सांप के डसने से 12 वर्षीय छात्र रामकृष्ण मंझवार की मौत हो गई। वह कक्षा 6वीं में पढ़ता था। घटना शनिवार सुबह (5 सितम्बर) करीब 5 बजे गोढ़ी देहांतपारा में हुई। परिजनों के मुताबिक, सांप के डसने के बाद उन्होंने 108 एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन समय पर वाहन नहीं पहुंचने पर पिता बेटे को बाइक से अस्पताल ले जाने के लिए निकल पड़े।
रास्ते में एंबुलेंस मिलने के बाद रामकृष्ण को जिला मेडिकल कॉलेज कोरबा ले जाया गया, जहां रविवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
सोते समय गले में कुछ काटने का अहसास हुआ
रामकृष्ण रात में बिस्तर पर सो रहा था। तड़के उसे गले में कुछ काटने जैसा महसूस हुआ। नींद में ही उसने सांप को पकड़कर दूर फेंक दिया। उसकी चीख सुनकर परिजन जाग गए और बिस्तर के आसपास सांप की तलाश की।
परिजनों के मुताबिक, सांप करैत था। बाद में उसे मार दिया गया। सांप के डसने के बाद रामकृष्ण की तबीयत बिगड़ने लगी।
108 नहीं पहुंची तो बाइक से निकले पिता
परिजनों ने तत्काल 108 एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन पिता दीपक मंझवार का कहना है कि एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची। इसके बाद वे बेटे को बाइक से अस्पताल ले जाने के लिए निकल पड़े। रास्ते में 108 एंबुलेंस मिलने पर रामकृष्ण को उसमें बैठाकर जिला मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन अगले दिन उसकी मौत हो गई। पिता ने बताया कि रामकृष्ण उनका बड़ा बेटा था। वे खेती-किसानी और मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं।
पुलिस ने कराया पोस्टमार्टम
मेडिकल कॉलेज से सूचना मिलने के बाद जिला अस्पताल चौकी पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज किए। शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया।
सांप के काटने और एंबुलेंस व्यवस्था पर सवाल
बारिश के मौसम में सांप के निकलने और सर्पदंश की घटनाएं बढ़ने की बात कही जाती है। करैत के डसने के मामलों में समय पर चिकित्सा सहायता मिलना महत्वपूर्ण होता है। इस घटना में परिजनों द्वारा 108 एंबुलेंस के देर से पहुंचने की बात कहे जाने के बाद स्वास्थ्य और आपातकालीन परिवहन व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों ने गांवों में सर्पदंश से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान चलाने और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की मांग की है।




