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3300 करोड़ रुपए के मालिक भाजपा विधायक बने भिखारी

मुंबई। मुंबई के घाटकोपर पूर्व से भाजपा विधायक पराग शाह का एक वीडियो वायरल है। इसमें वह भिखारी के वेश में घाटकोपर की सड़कों पर घूमते और लोगों से मदद लेते नजर आ रहे हैं।

रेलवे स्टेशन पर पराग ने एक महिला पुलिसकर्मी से कुछ खाना देने के लिए कहा, मगर उन्होंने मना कर दिया।
रेलवे स्टेशन पर पराग ने एक महिला पुलिसकर्मी से कुछ खाना देने के लिए कहा, मगर उन्होंने मना कर दिया।

शाह के अनुसार, उन्होंने यह प्रयोग किसी राजनीतिक कार्यक्रम या प्रचार के लिए नहीं किया। जैन धर्मगुरु राष्ट्रसंत नम्रमुनि महाराज की शिक्षाओं से प्रेरित होकर उन्होंने कुछ समय के लिए अपनी पहचान बदली। संपत्ति से दूरी बनाकर जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन अनुभव किया।

पराग फिर एक दुकान पर गए वहां उन्हें कुछ खाने के लिए मिल गया। सड़क किनारे बैठकर उन्होंने खाया।
पराग फिर एक दुकान पर गए वहां उन्हें कुछ खाने के लिए मिल गया। सड़क किनारे बैठकर उन्होंने खाया।

2024 के विधानसभा चुनाव के हलफनामे के अनुसार, पराग शाह के पास 3,383 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है। वह रियल एस्टेट कारोबारी हैं।

पराग शाह की असली तस्वीर

मेकअप के जरिए बने भिखारी 

पराग ने सबसे पहले मेकअप के जरिए अपना वेष बदला।

पराग ने सबसे पहले मेकअप के जरिए अपना वेष बदला।

गंदे-मैले कपड़े पहनकर पराग ने हाथ में झाड़ू ली और एक झोला उठाकर सड़क पर निकल आए।
गंदे-मैले कपड़े पहनकर पराग ने हाथ में झाड़ू ली और एक झोला उठाकर सड़क पर निकल आए।

गुरु के कहने पर पराग ने एक्सपेरिमेंट किया

राष्ट्रसंत श्री नम्रमुनि महाराज साहेब ने एक कार्यक्रम में कहा कि, कौन मानता है कि मैं जहां कहीं जाता हूं मुझे हर कोई पहचानता है। किसी एक को ऐसा भ्रम था कि लोग हर जगह मेरी आवाज सुनकर मुझे पहचान लेंगे।

एक शख्स ने पराग को अपना चश्मा दे दिया, उन्होंने सिर झुकाकर उसका अभिवादन किया।
एक शख्स ने पराग को अपना चश्मा दे दिया, उन्होंने सिर झुकाकर उसका अभिवादन किया।

मैं किसी भी हुलिए में हूं लोग मुझे पहचान लेंगे और घाटकोपर के लोग मुझे क्यों नहीं पहचानेंगे। फिर हमारे मन में एक विचार आया कि उन्हें भी अहसास दिलाएं कि दुनिया की वास्तविकता क्या है।

आपके वैभव से आपकी पहचान होती है जब ये न हो तो वो खुद अपने अपार्टमेंट में जाए न तो वॉचमैन ही उसको बाहर निकाल देगा। आज आपको उसके बारे में यही वीडियो दिखाता हूं। जिसके बाद जैनमुनि ने पराग शाह का वीडियो चलाया।

पराग का अनुभव- कुछ ने मदद की, कुछ ने अनदेखा किया

शाह ने इस पूरे एक्सपेरिमेंट का एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने बताया कि मेकअप और वेशभूषा बदलकर घाटकोपर रेलवे स्टेशन के आसपास आम लोगों के बीच समय बिताया। इस दौरान कई लोग उन्हें पहचान नहीं पाए।

वीडियो में शाह सड़क किनारे बैठे और नागरिकों से मदद लेते दिखते हैं। कुछ लोगों ने उनकी सहायता की, जबकि कुछ ने अनदेखा कर दिया। शाह ने इस अनुभव के जरिए गरीबी, उपेक्षा और जरूरतमंद लोगों के प्रति समाज के व्यवहार को समझने की कोशिश की।

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