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छत्तीसगढ़: दिल्ली जाने की बात कर घर से निकली थी अंजलि,दुर्ग में रह रही थी लीव इन रिलेशनशिप में; मौत के बाद पता चला परिवार को

दुर्ग । दुर्ग के शंकर नगर में 26 वर्षीय अंजलि घोड़ेस्वर की मौत के बाद कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनकी जानकारी उसके परिवार को नहीं थी। परिवार के मुताबिक अंजलि 8 सितंबर को घर से यह कहकर निकली थी कि वह सरकारी नौकरी की तैयारी के लिए दिल्ली जा रही है। परिवार को भरोसा दिलाने के लिए वह वहां की कोचिंग क्लासेस की तस्वीरें भी भेजती रही। अंजलि की मौत के बाद पता चला कि वह दिल्ली में नहीं, बल्कि दुर्ग में CISF जवान करण सिंह के साथ लीव इन रिलेशनशिप में रह रही थी।

परिवार के मुताबिक अंजलि ने घर से निकलते समय दुर्ग आने की बात नहीं बताई थी। परिजनों को यह जानकारी घटना के बाद मिली। अंजलि के एक रिश्तेदार ने बताया कि परिवार को पहले करण के बारे में सिर्फ इतना पता था कि वह अंजलि का दोस्त है। दोनों के बीच रिलेशनशिप और लिव-इन में रहने की जानकारी परिवार को नहीं थी। जानकारी के मुताबिक दोनों पिछले करीब दो साल से रिलेशनशिप में थे। सोशल मीडिया पर इनकी दोस्ती हुई हुई थी। करीब 15 दिन पहले ही दुर्ग के शंकर नगर की गली नंबर-10 स्थित एक मकान में किराए से रहने आए थे।

कोचिंग की तस्वीरें भेजती रही, परिवार को दिल्ली में होने का भरोसा

परिवार की बातचीत के अनुसार अंजलि सरकारी नौकरी की तैयारी के लिए दिल्ली जाने की बात कहकर घर से निकली थी। वह परिवार को कोचिंग क्लास की तस्वीरें भी भेजती थी। इन तस्वीरों में क्लासरूम, अन्य स्टूडेंट और बोर्ड पर पढ़ाई से जुड़ी जानकारी दिखाई देती थी। इसी वजह से परिवार को लंबे समय तक यही लगता रहा कि अंजलि दिल्ली में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही है।

लिव-इन पार्टनर को अलग-अलग तारीखों में पैसे भेजने का दावा

परिवार के पास अंजलि और करण के बीच हुए ऑनलाइन लेन-देन से जुड़े स्क्रीनशॉट भी होने की बात सामने आई है। रिश्तेदार के मुताबिक अलग-अलग तारीखों में 5 हजार, 2 हजार, 1500 रुपए समेत कई रकम करण के खाते में भेजी गईं। परिवार का दावा है कि अलग-अलग ट्रांजैक्शन को जोड़ने पर यह रकम करीब 25 से 30 हजार रुपए तक पहुंचती है। इन पैसों को लेकर परिवार के पास अभी पूरी जानकारी नहीं है कि रकम किस वजह से भेजी गई थी। ट्रांजैक्शन की वास्तविक प्रकृति और उसका कारण जांच का विषय है। पुलिस यदि बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच करती है तो इससे अंजलि और करण के बीच आर्थिक लेन-देन की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

मौत के बाद परिवार को फोन से पता चला, करण ने बताया था सुसाइड

परिवार के मुताबिक घटना से पहले उन्हें यह तक जानकारी नहीं थी कि अंजलि दुर्ग में है। घटना की जानकारी भी उन्हें सीधे पुलिस या अंजलि से नहीं, बल्कि करण से बातचीत के बाद मिली। परिवार का कहना है कि करण ने फोन पर खुद को अंजलि का बॉयफ्रेंड बताते हुए उसके फांसी लगाने की जानकारी दी और कहा कि दोनों जल्द शादी करने वाले थे। इसके बाद परिवार के लोग दुर्ग पहुंचे। शव को मर्चुरी में रखे जाने की जानकारी उन्हें मिली। पुलिस ने पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रिया के बाद आगे की कार्रवाई करने की बात कही है।

फोटो देखकर परिवार ने जताया संदेह, पुलिस जांच से ही साफ होगा मौत का कारण

अंजलि की मौत को लेकर उसके परिवार ने संदेह जताया है। परिवार के एक सदस्य का कहना है कि पुलिस से मिली तस्वीरों में अंजलि के शरीर की स्थिति, एक कान की बाली गायब होना और कपड़ों की स्थिति देखकर उन्हें घटना सामान्य आत्महत्या जैसी नहीं लग रही। परिवार ने करण के चेहरे पर भी चोट या सूजन जैसी बात का उल्लेख किया है और दोनों के बीच विवाद या हाथापाई की आशंका जताई है। हालांकि ये परिवार की ओर से लगाए गए संदेह हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मौत वास्तव में आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य परिस्थिति थी, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल की जांच, फोरेंसिक साक्ष्य, मोबाइल फोन और अन्य जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

परिवार की पूरी जिम्मेदारी थी अंजलि पर

अंजलि का परिवार महाराष्ट्र के कल्याण का रहने वाला है। परिवार के मुताबिक घर में पिता के स्वास्थ्य की स्थिति के कारण अंजलि घर की जिम्मेदारियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थी। वह सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही थी और परिवार को लगता था कि दिल्ली जाकर वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करेगी। लेकिन 8 सितंबर को घर से निकलने के बाद उसकी जिंदगी की वास्तविक स्थिति परिवार से छिपी रही।

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