जांजगीर। नैला का प्रसिद्ध दुर्गोत्सव इस वर्ष भव्यता और आकर्षण के नए आयाम स्थापित कर रहा है। श्रीश्री दुर्गा पूजा उत्सव सेवा समिति, नैला की ओर से इस बार अमेरिका के स्वामीनारायण मंदिर की तर्ज पर 150 फीट ऊंचा और 200 फीट चौड़ा भव्य पंडाल तैयार किया गया है। भव्य सजावट, लेजर लाइट शो और धार्मिक प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण बनी हुई हैं।
इस वर्ष दुर्गोत्सव में मां दुर्गा की 35 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है। प्रतिमा को हीरे, मोती और रत्नों की कलात्मक सजावट से अलंकृत किया गया है। मां दुर्गा को चांदी की पालकी में विराजमान किया गया है। विशाल प्रतिमा और भव्य पंडाल की सजावट श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है।
35 फीट ऊंची रत्नजड़ित प्रतिमा, चांदी की पालकी में मां दुर्गा
समिति के अध्यक्ष राजू पालीवाल ने बताया कि नैला दुर्गोत्सव हर साल अपनी अनूठी थीम और भव्य सजावट के लिए पहचाना जाता है। इस बार आयोजन को और आकर्षक एवं दिव्य स्वरूप देने का प्रयास किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक वातावरण का विशेष अनुभव मिल सके।
बंगाल और स्थानीय कलाकारों ने मिलकर तैयार किया पंडाल
पंडाल निर्माण में पश्चिम बंगाल के अनुभवी कारीगरों के साथ स्थानीय कलाकारों ने भी योगदान दिया है। इसमें बंगाल की पारंपरिक कला और भारतीय वास्तुकला का समन्वय देखने को मिल रहा है। स्थानीय कलाकारों की भागीदारी से क्षेत्रीय शिल्प और कला को भी प्रोत्साहन मिल रहा है।
महाराष्ट्र, ओडिशा, बिहार समेत कई राज्यों से पहुंचते हैं श्रद्धालु
नैला दुर्गोत्सव की पहचान छत्तीसगढ़ से बाहर भी है। आयोजन समिति के अनुसार, हर साल महाराष्ट्र, ओडिशा, बिहार, झारखंड और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस बार विशाल प्रवेश द्वार, भव्य पंडाल और रत्नजड़ित प्रतिमा के साथ लेजर लाइट शो को भी खास रूप दिया गया है।
लेजर शो में दिखेंगे भगवान शिव और श्रीराम
आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण लेजर लाइट शो है, जिसके माध्यम से भगवान भोलेनाथ, श्रीराम और अन्य देवी-देवताओं को दर्शाया जा रहा है। भव्य रोशनी और धार्मिक प्रस्तुतियों के जरिए पंडाल को विशेष स्वरूप दिया गया है। समिति को उम्मीद है कि नैला दुर्गोत्सव इस वर्ष भी श्रद्धालुओं के लिए भक्ति, कला और संस्कृति का आकर्षक संगम बनेगा।




