नई दिल्ली। भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमों के बीच शुक्रवार से तीन मैचों की टी 20 सीरीज खेली जाएगी। स्मृति मंधाना इस सीरीज से कप्तान के तौर पर नई जिम्मेदारी संभालेंगी। जिम्बाब्वे के लिए भी यह सीरीज काफी अहम है।
भारत जब नवनियुक्त कप्तान स्मृति मंधाना के नेतृत्व में जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के साथ नए युग की शुरुआत करेगा तो उसकी निगाह अपने खेल को और बेहतर बनाने पर होगी। यह पहला अवसर है जब भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीम द्विपक्षीय सीरीज में एक-दूसरे का सामना करेंगी। भारतीय टीम ने हाल में एशियाई स्तर पर अपना दबदबा साबित किया, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट विशेषकर छोटे प्रारूप में उसे अभी काफी सुधार करने की जरूरत है।
भारत का टी20 विश्व कप में पिछले दो टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा था जिससे उसकी कमजोरी भी खुलकर सामने आ गई। टीम को अगर ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों को लगातार चुनौती देनी है तो उसे खेल के तीनों विभाग में सुधार करना होगा। भारत ने पिछले साल अपने घरेलू मैदान पर ऐतिहासिक वनडे विश्व कप जीता था, लेकिन अगले साल की शुरुआत में घरेलू मैदान पर पहली महिला चैंपियंस ट्रॉफी जीतना उसके लिए आसान नहीं होगा।
बीच के ओवरों में संघर्ष करते दिखे हैं भारतीय बल्लेबाज
अगर भारतीय बल्लेबाजी की बात करें तो मंधाना और शेफाली वर्मा ने टीम को अच्छी शुरुआत दी है लेकिन भारतीय बल्लेबाज बीच के ओवर में संघर्ष करते रहे हैं। भारत को अभी तीसरे नंबर के लिए एक अदद बल्लेबाज की तलाश है। इसके अलावा पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर की खराब फॉर्म भी चिंता का विषय बनी हुई है। हरमनप्रीत अब टीम में विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में खेलेगी जिससे उन पर अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव और भी बढ़ जाएगा। भारत को निचले क्रम में ऋचा घोष का साथ देने के लिए कुछ और पावर हिटर तैयार करने की भी जरूरत है।






