कोरबा। जिले के रजगामार क्षेत्र से 19 अक्टूबर को रहस्यमय तरीके से लापता हुई 7 वर्षीय बच्ची भव्या जोशी की आज चौथे दिन लाश बरामद हुई है।
जानकारी के मुताबिक मृतका की पहचान भव्या के रूप में हुई है। वह अपने पिता प्रकाश जोशी के साथ रजगामार बस्ती में रहती थी। प्रकाश जोशी करीम पोल्ट्री फार्म में काम करता है। उसी पोल्ट्री फार्म के पीछे मासूम की लाश मिलने से मामला रहस्यमय हो गया है।
प्रकाश जोशी मूल रूप से सक्ती जिले के ग्राम फगुरम का निवासी है, जो करीब चार महीने पहले अपने चार बच्चों के साथ रजगामार आया। यहां करीम पोल्ट्री फार्म में काम करते हुए परिवार का पालन-पोषण कर रहा है। प्रकाश जोशी के मुताबिक, 19 अक्टूबर को दोपहर करीब डेढ़ बजे बेटी भव्या जोशी घर के पास की राशन दुकान जा रही हूँ, बोल कर गई तो फिर वापस नहीं लौटी। इस दौरान पिता नींद में था। जब उसकी नींद खुली तो बेटी को घर न पाकर तलाश शुरू की। गांव और आसपास के इलाकों में भी खोजबीन की, लेकिन बच्ची का कहीं पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस को मामले की सूचना दी गई।
बच्ची के लापता होने की सूचना मिलते ही बालको थाना प्रभारी निरीक्षक युवराज तिवारी, रजगामार चौकी प्रभारी गांव पहुंचे। इसके बाद पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, एएसपी लखन पटले, सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी, मुख्यालय डीएसपी प्रतिभा मरकाम ने भी गांव पहुंचकर आवश्यक तफ्तीश की। पुलिस डॉग बाघा की भी मदद ली गई। बाघा पास की नदी तक जाकर थम गया। इससे यह तो सुराग मिला कि भव्या नदी तक आई थी लेकिन इसके बाद कहाँ गई,यह पता नहीं लगाया जा सका। आज चौथे दिन पोल्ट्री फार्म के पीछे लाश मिलने से मामला गहरा गया है कि आखिर मासूम के लापता होने की वजह क्या थी, उसके साथ क्या हुआ? 3 दिन से वह कहाँ और किसके पास थी? कई सवालों के जवाब मिलना शेष है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकेगा।




