नई दिल्ली। चक्रवाती तूफान ‘अर्णब‘ ने बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तटीय इलाकों में टकराना शुरू कर दिया है, जिससे वहां भारी बारिश हो रही है। भारी बारिश, तेज हवाओं और संभावित बाढ़ से निपटने के लिए आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में प्रशासन ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं।
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मौसम विभाग के अनुसार, तूफान के केंद्र में हवा की रफ्तार 125 से 135 किमी प्रति घंटा है, जो झोंकों के साथ 150 किमी प्रति घंटा तक पहुंच रही है। पिछले तीन घंटों में तूफान 3 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर–पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है। अनुमान है कि शुरुआत में धीमी गति से उत्तर–पश्चिम की तरफ बढ़ेगा और फिर उत्तर–उत्तर–पश्चिम की ओर रुख करेगा।
निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा देखते हुए हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। तूफान के चलते 50 ट्रेनें और विजयवाड़ा-विशाखापट्टनम एयरपोर्ट पर 21 फ्लाइट्स रद्द की गई हैं। आंध्र प्रदेश और ओडिशा ने 4,000 साइक्लोन शेल्टर बनाए हैं।
ओडिशा में तेज बारिश के कारण 16 जिलों में स्कूल बंद किए गए हैं और 30 हजार लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है।
तूफान का असर आंध्र प्रदेश और ओडिशा तक सीमित नहीं रहेगा। मौसम विभाग ने तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
सैटेलाइट मैप में देखें तूफान अर्नब का असर
मौसम विभाग ने मैप जारी किया है। तूफान अर्नब से 13 राज्य तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र प्रभावित हैं।
आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में उप्पड़ा तटीय सड़क बही, सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे उखड़े
चक्रवात अर्णब के कहर से आंध्र प्रदेश के काकीनाडा की उप्पड़ा तटीय सड़क पूरी तरह बह गई है। जिले के एसपी ने बताया कि तेज हवाओं से सैकड़ों पेड़ और 100 के करीब बिजली के खंभे उखड़ गए, हालांकि किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। उन्होंने कहा कि रात 1 बजे के बाद बारिश तो थम गई थी, लेकिन आधी रात के समय तूफान की तेज हवाओं ने काफी असर डाला।




