जोधपुर। जोधपुर सेंट्रल जेल में मंगलवार रात 10.45 बजे सरेंडर करने पहुंचे आसाराम को जेलर ने अंदर नहीं घुसने दिया। उसे मंगलवार शाम 5 बजे तक सरेंडर करना था।
वो करीब 6 घंटे की देरी से जेल पहुंचा था। प्रशासन ने रात के समय बंदी प्रवेश के नियम का हवाला देकर उसे एंट्री नहीं दी।
पैरोल खत्म होने के तय समय में सरेंडर नहीं करने के आरोप में आसाराम के खिलाफ मंगलवार रात को ही रातानाड़ा थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई।
इससे पहले मंगलवार सुबह सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की पैरोल बढ़ाने से इनकार कर दिया था। उसे तुरंत सरेंडर करने का आदेश दिया था।

एयर एंबुलेंस से उज्जैन से जोधपुर पहुंचा आसाराम
आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट ने 6 अक्टूबर को 20 दिन की पैरोल दी थी, जो मंगलवार 26 अक्टूबर को खत्म हो गई। पैरोल बढ़ाने को लेकर आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।
सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल आधार पर आसाराम की पैरोल को बढ़ाने से इनकार कर दिया। इसके बाद आसाराम एयर एंबुलेंस से मंगलवार रात करीब 10.15 बजे उज्जैन से जोधपुर पहुंचा था।
रात 10.45 बजे वो जोधपुर सेंट्रल जेल पहुंचा, लेकिन जेल अधीक्षक प्रमोद सिंह ने उसे अंदर नहीं घुसने दिया।

रातभर हॉस्पिटल में रहा, सुबह सरेंडर
इसके बाद आसाराम भगत की कोठी स्थित आरोग्यम हॉस्पिटल चला गया। रातभर वह हॉस्पिटल में ही रहा। बुधवार (28 अक्टूबर) सुबह करीब 9.45 बजे उसने जेल में सरेंडर कर दिया।
रातानाडा थाने के सहायक उप निरीक्षक और केस अनुसंधान अधिकारी भवानी सिंह ने बताया कि आसाराम के खिलाफ 58 (ख) में केस दर्ज किया गया है।
इस धारा में आरोपी को 3 साल तक की सजा या आर्थिक दंड का प्रावधान है।





