वॉशिंगटन डीसी। इस्राइल ने बुधवार दोपहर मध्य बेरूत में कई हमले किए। घनी आबादी वाले कई व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों को बिना पूर्व सूचना के निशाना बनाया गया। हमले ऐसे समय में हुए, जब ईरान के साथ युद्ध विराम की घोषणा हो चुकी थी। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इन हमलों में 254 लोगों की मौत हुई और 1,165 लोग घायल हुए हैं। उधर, एसोसिएटेड प्रेस ने ईरानी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि ईरान ने लेबनान पर इस्राइली हमलों के जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया गया है।
एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, बेरूत के मध्य में स्थित कॉर्निश अल मजरा इलाके के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक पर वाहन और जमीन पर जले हुए शव देखे गए। यह इलाका व्यावसायिक और आवासीय दोनों क्षेत्रों का मिश्राण है। बचावकर्मी फोर्क लिफ्ट (कांटा ट्रक) की मदद से सुलगते मलबे को हटा रहे थे और मलबे में जीवित बचे लोगों की तलाश कर रहे थे।
हमलों पर लेबनानी नेताओं ने क्या कहा?
बेरूत के मध्य हिस्से पर पहले भी हमले हुए हैं। लेकिन एक साथ इतने बड़े हमले दिन के समय कम ही हुए हैं। इस्राइल आमतौर पर दक्षिण और पूर्वी लेबनान में ज्यादा हमले करता रहा है। लेबनान की सामाजिक मामलों की मंत्री हनीद सैयद ने इन हमलों को बेहद खतरनाक मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि हमले सीधे उन इलाकों में हुए हैं, जहां बड़ी संख्या में विस्थापित लोग रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि लेबनान सरकार इस्राइल के साथ बातचीत के लिए तैयार है। लेकिन अभी तक इस्राइल की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है। लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इस्राइल पर अंतरराष्ट्रीय कानून की अनदेखी करने का आरोप लगाया। वहीं, राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इन हमलों को बर्बर बताया।
इस्राइल की हिजबुल्ला कमांडर को चेतावनी
इस्राइली सेना ने कहा कि उसने मिसाइल लॉन्चर, कमांड सेंटर और खुफिया ढांचे को निशाना बनाया। लेकिन स्थानीय लोगों ने इन दावों को खारिज किया और कहा कि ये सिर्फ रिहायशी इलाके थे। इस्राइली रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने हिजबुल्ला कमांडर नईम कासेम को चेतावनी दी कि उनका भी नंबर आएगा। इससे पहले 2024 में इस्राइल ने हिजबुल्ला के पूर्व प्रमुख हसन नसरल्लाह को मार गिराया था।
संघर्षविराम का पालन नहीं कर रहा इस्राइल: हिजबुल्ला
युद्ध की शुरुआत से अब तक लेबनान में 1500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। 10 लाख से अधिक लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। युद्ध विराम की घोषणा के बाद कुछ लोग अपने घर लौटने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन नए हमलों के बाद फिर से खौफ और अनिश्चितता बढ़ गई है। कई परिवारों ने फिलहाल सुरक्षित जगहों पर ही रुकने का फैसला किया है।



