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कोरबा : कोसगई माता मंदिर के पास भीषण आग, कार, झालर जलकर खाक; लाखों का नुकसान

कोरबा । कोरबा जिले में 14 अप्रैल को देर शाम कोसगईगढ़ पहाड़ी पर स्थित कोसगई माता मंदिर के समीप भीषण आग लग गई। इस घटना में एक कार और मंदिर के पास लगी झालर (अस्थाई दुकानें) पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। आग से लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है, लेकिन देर तक मौके पर न तो दमकल की टीम पहुंची और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी।

जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब तीन बजे पास के खेत में आग लगी थी। तेज हवा के कारण यह आग फैलते हुए मंदिर परिसर तक पहुंच गई। आग ने सबसे पहले मंदिर के समीप बनी झालर को अपनी चपेट में लिया। इन झालरों में चुनरी, श्रृंगार का सामान और देवी-देवताओं की सजावट की सामग्री रखी थी, जो पूरी तरह जल गई।

आग की लपटें इतनी तेज़ की कुछ मिनटों में ही सब जल कर खाक

आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही मिनटों में पास में खड़ी एक कार भी इसकी चपेट में आ गई। कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई। घटना के समय शाम होने के कारण वहां सुनसान था और आसपास कोई मौजूद नहीं था, जिससे आग पर काबू पाने का कोई तत्काल प्रयास नहीं हो सका।

आग लगने के घंटों बाद भी नहीं मिली प्रशासन से कोई मदद

बताया गया कि एक परिवार मंगलवार को कोसगई माता मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचा था। उन्होंने अपनी कार मंदिर के नीचे अस्थाई दुकानों के सामने खड़ी की थी और दर्शन के लिए पहाड़ी पर चढ़ गए थे। जब श्रद्धालु परिवार दर्शन कर लौटा, तो अपनी कार और झालर को जलता देख हैरान रह गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग लगने की सूचना के घंटों बाद तक भी दमकल या राजस्व विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।

आग से मंदिर समिति और जंगल में भी नुकसान

इस आग से जंगल के एक हिस्से को भी नुकसान पहुंचा है। झालर में रखी सामग्री के साथ- समिति साथ मंदिर को भी भारी क्षति हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि गर्मी के मौसम में जंगल और खेतों में आग की घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसके बावजूद दमकल की तुरंत व्यवस्था नहीं है। बालको पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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