तेहरान। दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग होर्मुज में तनाव चरम पर पहुंच गया है। खबर आई है कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने भारत आ रहे 14 मालवाहक जहाजों के एक बड़े काफिले को बलपूर्वक रोक दिया है। सूत्रों के मुताबिक, इस कार्रवाई के दौरान ईरानी गनबोट्स ने दो जहाजों पर सीधी फायरिंग की, जिससे एक भारतीय टैंकर का शीशा टूट गया।
बिना चेतावनी के बरसीं गोलियां
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, यह घटना ओमान से करीब 37 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में केशम और लारक द्वीपों के बीच घटित हुई। दावा किया जा रहा है कि जहाजों का बेड़ा अपनी लय में बढ़ रहा था, तभी दो ईरानी गनबोट्स ने उन्हें घेर लिया और बिना किसी पूर्व चेतावनी के गोलीबारी शुरू कर दी। जिस जहाज पर हमला किया गया, वह कच्चे तेल से लदा था। हमले के बाद 13 जहाजों को अपना सफर बीच में ही छोड़कर फारस की खाड़ी के अलग-अलग ठिकानों पर वापस लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा।
सिर्फ एक जहाज को मिली राह
हालांकि, इस तनावपूर्ण घेराबंदी के बीच एक राहत भरी खबर यह रही कि हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के लिए कच्चा तेल लेकर आ रहा एक भारतीय जहाज सुरक्षित तरीके से होर्मुज पार करने में सफल रहा। वह अब भारत की ओर बढ़ रहा है। वहीं, बाकी 13 जहाज फिलहाल लारक द्वीप के दक्षिण में फंसे हुए हैं।
काफिले में क्या-क्या था शामिल?
रोक गए 14 जहाजों में से सात पर भारतीय तिरंगा लहरा रहा है, जबकि बाकी जहाज लाइबेरिया, मार्शल आइलैंड्स और वियतनाम के हैं। इनमें 6 जहाज कच्चे तेल, 3 एलपीजी गैस और 4 उर्वरक से लदे हैं। भारत सरकार इन जहाजों और चालक दल की सुरक्षित वापसी के लिए लगातार ईरानी अधिकारियों के संपर्क में है।बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्धविराम अगले हफ्ते समाप्त होने वाला है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उसकी बंदरगाहों की अमेरिकी घेराबंदी जारी रहेगी, वह होर्मुज पर अपना सख्त नियंत्रण बनाए रखेगा। दुनिया के कुल तेल व्यापार का पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है।



