Home » ईरान युद्ध » अमेरिका का चीन से आ रहे ईरानी जहाज पर कब्जा, ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों की ओर भेजे ड्रोन, क्षेत्र में तनाव गहराया

अमेरिका का चीन से आ रहे ईरानी जहाज पर कब्जा, ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों की ओर भेजे ड्रोन, क्षेत्र में तनाव गहराया

वॉशिंगटन डीसी/तेहरान। अमेरिका ने ईरान के एक मालवाहक जहाज को अपने कब्जे में ले लिया है। राष्ट्रपति ट्रम्प के मुताबिक टॉस्का नामक यह जहाज होर्मुज स्ट्रेट को पार करने की कोशिश कर रहा था। इसे अमेरिकी डेस्ट्रॉयर USS स्प्रूअन्स ने रोका।

ईरानी बलों ने ओमान सागर में एक ईरानी वाणिज्यिक जहाज को कब्जे में लेने के बाद अमेरिकी युद्धपोतों की ओर ड्रोन भेजे। ईरान के प्रेस टीवी ने यह जानकारी दी। इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि ओमान सागर में मौजूद अमेरिकी सैनिकों को एक ईरानी व्यापारिक जहाज पर गोलीबारी करने के बाद पीछे हटना पड़ा।

मेहर समाचार एजेंसी के हवाले से कहा गया कि अमेरिकी सेना ने क्षेत्र में एक ईरानी व्यापारी जहाज को निशाना बनाया। उनका मकसद जहाज को वापस ईरानी समुद्री क्षेत्र में लौटने के लिए मजबूर करना था। रिपोर्ट के अनुसार यह घटना ऐसे समय हुई जब होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है और अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही बंद है।

आईआरजीसी ने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई के बाद उनकी नौसेना तुरंत मौके पर पहुंची। इसके कारण अमेरिकी सेना को पीछे हटना पड़ा। यह सब ईरानी जहाज की सुरक्षा के लिए हुआ। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अमेरिका ने ईरान पर नौसैनिक नाकाबंदी लगाई है। यह नाकाबंदी तब लगाई गई, जब अमेरिका और इस्राइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई अपने लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई।

तस्नीम एजेंसी के अनुसार,  ईरानी सेना ने बोत्सवाना और अंगोला के ध्वज वाले दो तेल टैंकरों को रोका और उन्हें वापस लौटा दिया गया। ईरान के सैन्य मुख्यालय ने कहा, अमेरिका ने एक ईरानी जहाज पर हमला किया। इसे ‘समुद्री डकैती’ उसने चेतावनी दी कि इसका जवाब जल्द दिया जाएगा।

अमेरिका का दावा
अमेरिकी सेना की मध्य कमान (सेंटकॉम) के अनुसार, अमेरिकी सेना ने एक ईरानी जहाज तोस्का को रोका और उस पर गोलीबारी की क्योंकि उसने कथित तौर पर नाकाबंदी का उल्लंघन किया।  बाद में जहाज को अमेरिकी कब्जे में ले लिया गया।

ट्रम्प के मुताबिक, जहाज ने चेतावनियों को नजरअंदाज किया, जिसके बाद अमेरिकी मरीन ने उसे रोक लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “इस वक्त जहाज हमारे कब्जे में है। हम पूरी तरह इसे कंट्रोल में लेकर देख रहे हैं कि इसके अंदर क्या है।”

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच तेल की कीमतें बढ़ीं

ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है और शेयर बाजार पर दबाव दिख रहा है। वीकेंड पर होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास हालात बिगड़ने से यह उम्मीद कम हो गई है कि यह अहम समुद्री रास्ता जल्दी खुल पाएगा।

ब्रेंट क्रूड, जो दुनिया का प्रमुख बेंचमार्क है, 6 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर करीब 96 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है। इस वजह से भारत समेत दुनियाभर में तेल के दाम बढ़ने लगे हैं।

नई दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपए, बांग्लादेश में 90.95 रुपए, पाकिस्तान में 122.42 रुपए, भूटान में 97.88 रुपए, चीन में 130.11 रुपए, श्रीलंका में 134.86 रुपए (सभी भारतीय रुपए में) तक पहुंच गई है।

ईरान के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोग

 

ईरान में बड़ी संख्या में लोग तेहरान की सड़कों पर उतरकर सरकार के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान कई लोगों ने साफ कहा कि उन्हें अमेरिका पर बिल्कुल भरोसा नहीं है और सरकार को झुकना नहीं चाहिए।

लोगों ने कहा कि अमेरिका ने अब तक अपने किसी भी वादे को पूरा नहीं किया है। इसलिए भले ही बातचीत जारी रखनी पड़े, लेकिन अमेरिका पर भरोसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए।

इस्लामाबाद में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मध्यस्थता की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस बीच अमेरिका की एडवांस सिक्योरिटी टीमें भी पाकिस्तान पहुंच चुकी हैं, जो आमतौर पर हाई-लेवल मीटिंग से पहले सुरक्षा व्यवस्था का आकलन करती हैं।

वहीं, ईरान ने शनिवार को कहा कि उसे अमेरिका से नए प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावों का पूरा ब्योरा सामने नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि ये मौजूदा तनाव कम करने और बातचीत आगे बढ़ाने से जुड़े हो सकते हैं। यानी एक तरफ जमीन पर सुरक्षा तैयारियां तेज हैं, तो दूसरी तरफ पर्दे के पीछे बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं।

Facebook
X
WhatsApp
Telegram