
कोरबा। श्रीराम की भक्ति और जयघोष के मध्य एक बार फिर हिन्दू नववर्ष के भव्य स्वागत-अभिनन्दन की परम्परा में भागीदार बनने ऊर्जानगरी सज-धज कर तैयार है। विभिन्न समाज के लोग इस उत्सव का साक्षी बनने बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जब ऐतिहासिक शोभायात्रा का शुभ आरम्भ होगा।
हिंदू नवर्ष पर इस दिव्य शोभायात्रा का शुभारंभ रविवार 30 मार्च 2025 को दोपहर 3 बजे से श्रीराम-जानकी मंदिर सीतामढ़ी से होगा। श्रीराम के लाखों भक्तों के साथ-साथ यह शोभायात्रा पुराना बस स्टैंड होते हुए टीपीनगर पहुंचेगी।
जय-जय श्रीराम के महाघोष के साथ विक्रम संवत् 2082, हिंदू नववर्ष का भव्य उत्सव मनाने कोरबा नगरी एक बार फिर सज-धज कर तैयार है। रविवार 30 मार्च 2025 को हिंदू कल्याण संस्थान छत्तीसगढ़ के अंतर्गत हिंदू क्रांति सेना कोरबा के तत्वावधान में भव्य उत्सव और महारैली के मध्य नववर्ष अभिनंदन होगा। धर्मो रक्षति रक्षितः का संदेश देते हुए हिंदू क्रांति सेना ने इस शुभ अवसर का साक्षी बनने जिले भर के लोगों को आमंत्रित किया गया है।
हिंदू क्रांति सेना के नितिन यादव एवं राहुल चौधरी ने बताया कि हर वर्ष की भांति उत्सव की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी हिंदू नववर्ष के उपलक्ष्य में हिंदू क्रांति सेना द्वारा ऐतिहासिक शोभायात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस शोभायात्रा में उन्होंने जिलेवासियों को अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी दर्ज कराने का आह्वान किया है।
उधर दूसरी ओर हिंदू नव वर्ष के स्वागत को लेकर विश्व हिंदू परिषद की ओर से भी भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसकी तैयारियां जोरों पर हैं। यह यात्रा कोसाबाड़ी चौक से आईसीआईसीआई चौक तक जाएगी।
शोभायात्रा में देश भर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत देखने को मिलेगी। इसमें छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य, पंजाबी गटका और बस्तर नृत्य शामिल हैं। नागपुर पंथी, बंगाली डाक निशान बाजा और कर्नाटक की कांतारा झांकी भी आकर्षण का केंद्र होगी। ओडिशा के कलाकारों की प्रस्तुतियां और शिव-पार्वती का लाइव स्टेज शो भी होगा।
अयोध्या से श्रीराम-लक्ष्मण की दिव्य झांकी विशेष आकर्षण होगी। कल्की अवतार, ओपन ट्रेलर डीजे और अघोरी तांत्रिक साधना ग्रुप की प्रस्तुतियां भी होंगी। धुमाल नृत्य की झांकियां भी लोगों का मन मोहेंगी।

पिछले 8 वर्षों से निकाली जा रही झांकी
विहिप के जिला अध्यक्ष अमरजीत सिंह ने बताया कि यह आयोजन पिछले 8 वर्षों से हो रहा है। उन्होंने कहा कि नागरिकों के सहयोग और भगवान राम की कृपा से यह परंपरा जारी है। इस बार विभिन्न राज्यों की मंडलियों की भागीदारी से कार्यक्रम और भी खास बन गया है।
आयोजन स्थल को दुल्हन की तरह सजाया गया है। संगठन ने सभी नागरिकों से इस आयोजन में शामिल होने का आग्रह किया है। यह शोभायात्रा धार्मिक उत्साह के साथ-साथ देश की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक भी है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से युवा पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है।