रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 3 दिवसीय छ्त्तीसगढ़ दौरे पर हैं। 17 मई की रात वे रायपुर पहुंचे। आज (18 मई) वे बस्तर आएंगे। जगदलपुर एयरपोर्ट से सीधे वे नेतानार गांव जाएंगे, जहां वीर शहीद गुंडाधुर के गांव से जन सुविधा केंद्र शुरू करेंगे।
अमित शाह जगदलपुर के अमर वाटिका में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देंगे। साथ ही डायल-112 के करीब 400 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। शाह जगदलपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक लेंगे। इस बैठक में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। इस बैठक में इन सभी स्टेट विकास कामों पर चर्चा होगी।
ये है दौरे का मुख्य फोकस
दौरे के दौरान उनका मुख्य फोकस सुरक्षा व्यवस्था, बस्तर में विकास कार्यों की समीक्षा, जनसुविधाओं के विस्तार और मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक पर रहेगा। इस दौरे में सुरक्षा और विकास के बीच संतुलन बनाने की कोशिश नजर आएगी। डायल-112 सेवा के विस्तार से लेकर बस्तर में जन सुविधा केंद्र के उद्घाटन, फॉरेंसिक यूनिट्स और शहीद जवानों को श्रद्धांजलि तक कार्यक्रमों की पूरी श्रृंखला इसी दिशा में तैयार की गई है।
बस्तर के कैंप बनेंगे सुविधा केंद्र
अमित शाह के बस्तर दौरे को लेकर छ्त्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर पूर्ण रूप से नक्सलवाद से मुक्त हो गया है, जिसके बाद अब 19 मई को मध्य क्षेत्रीय परिषद की बड़ी बैठक होने वाली है। साल 2025 में ये बैठक उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुई थी। नेतानार में सुरक्षा कैंप अब सुविधा केंद्र में बदल रहा है। इसकी शुरुआत अमित शाह करेंगे। भविष्य में बस्तर के सारे कैंपों को सुविधा केंद्र के रूप में ही डेवलप किया जाएगा।
दीपक बैज ने उठाए सवाल
शाह के बस्तर दौरे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। PCC चीफ दीपक बैज ने कहा कि प्रधानमंत्री पूरे देश से आह्वान कर रहे है कि वर्कफ्राम होम करें, पेट्रोल-डीजल बचाएं। अब उनके ही गृहमंत्री, मुख्यमंत्री उनकी बात नहीं मान रहे। मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक वर्चुअल क्यों नहीं किया, जबकि सभी मुख्यमंत्री सचिवालय और गृह मंत्रालय के पास वीडियो कान्फ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध है।
मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, चार राज्यों के मुख्यमंत्री या उनके प्रतिनिधि बस्तर आएंगे। सब अलग-अलग विशेष विमान से आएंगे, लाखों रुपए खर्च होगा, डीजल-पेट्रोल और विमान का ईंधन खर्च होगा। यह बैठक तो वर्चुअल हो सकती थी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक ने दावा किया था, 31 मार्च के बाद नक्सलवाद समाप्त हो गया है। कांकेर में पिछले हफ्ते हमारे 4 जवान शहीद हुए हैं, वीर गति को प्राप्त हुए हैं। उसके बाद भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार रकनीतिक प्रोपोगंडा करना बंद नहीं की है। मध्यक्षेत्र की बैठक पहली बार बस्तर में करवाने पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।



