
नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पास करा लिया। सरकार को एनडीए के सभी घटक दलों का जबरदस्त समर्थन मिला और विधेयक के पक्ष में 288 सांसदों ने वोट किया। वहीं, इसके विपक्ष में 232 वोट पड़े। इसके साथ ही विधेयक के राज्यसभा में जाने का रास्ता साफ हो गया। केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को इस बिल को राज्यसभा में भी पेश कर दिया। हालांकि, वक्फ संशोधन विधेयक, 2024 की असल परीक्षा इसी सदन में मानी जा रही है। दरअसल, राज्यसभा में एनडीए का बहुमत जरूरी संख्या पर ही स्थिर है। ऐसे में गठबंधन के किसी भी दल के किसी भी सांसद का इधर-उधर होना विधेयक को पास कराने की राह में रोड़ा बन सकता है।
इस बीच बीजू जनता दल (बीजद) ने अपना वक्फ संशोधन विधेयक की खिलाफत करने का अपना रुख बदल लिया है। अब पार्टी के सांसद सस्मित पात्रा ने कहा है कि वक्फ विधेयक के लिए पार्टी की तरफ से कोई व्हिप नहीं जारी किया गया है। सांसद अपने अंतरात्मा की आवाज को सुनकर राज्यसभा में वक्फ विधेयक पर वोटिंग कर सकते हैं।
गौरतलब है कि बीजद ने लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा से पहले इसका विरोध की बात कही थी। हालांकि, अब फैसला बदलने से राज्यसभा में विपक्ष की स्थिति और कमजोर हुई है। दरअसल, राज्यसभा में बीजद के 7 सांसद हैं। पहले इनकी गिनती विपक्ष में होती थी। हालांकि, अब इन सांसदों का रुख तय नहीं है। ऐसे में वक्फ विधेयक पर विपक्ष की ताकत और कमजोर होना तय है।